मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शहीद स्मारक समिति के तत्वाधान में शहीद स्थल करहल रोड़ पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि अंग्रेजों ने जब बेवर क्षेत्र के तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शहीद कर उनकी चोरी-छुपे यहां अन्त्योष्टी की, तो निश्चित रूप से यह धरती पावन हो गयी, इस पावन धरती पर आयोजित कार्यक्रम में आकर में खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं। उन्हांने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन के समय बेवर में कैसी-कैसी घटनाएं घटित हुयी होंगी, एक 14 वर्ष का बालक जिसको अपनी भलाई-बुराई का भी ज्ञान नहीं होता है, ऐसा लड़का अदम्य उत्साह से भरकर कई-कई गोलियां खाने के बाद भी झंडे को ऊपर किये हुये अपने प्राण उत्सर्ग करता है, तो उससे पावन, महान घटना नहीं हो सकती। उन्होने कहा कि निश्चित रूप से मैनपुरी के नौजवानों, स्वाधीनता पाने के दीवानों ने स्वतंत्रता संग्राम में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, सभंवत इतिहास में जो स्थान मिलना चाहिए था, वह स्थान नहीं मिला, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. गेंदालाल दीक्षित के बारे में यहां आकर जानकारी मिली, मैनपुरी षडयंत्र के नाम से जो घटना जानी जाती है, उसके बारे में जानने को मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जिनका नाम इतिहास में दर्ज नहीं हो पाया, जिनके बारे में लोगों को भी जानकारी नहीं मिली, वह आज भी हमारे और आपके हृदयों में जीवित हैं, उन सबको आज श्रृद्धांजलि देने का अवसर है।

श्री सिंह ने कहा कि हम कल्पना कर सकते है कि 14, 23 वर्ष की अवस्था, किशोरावस्था, परिपक्व अवस्था के जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे होंगे, उनकी भावना क्या रही होगी, यह तो निश्चित है कि वह बहुत ही भावुक व्यक्ति होंगे, इतने भावुक कि अपने परिवार, माता-पिता के ख्याल को पीछे रख, देश को आगे रखते होंगे, देश पर सबसे बडा बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते, हमारा कर्तव्य है कि कम से कम उनकी भावनाओं को याद रखें, उनके इतिहास, उनके नाम से प्रेरणा लें, हर वर्ष इस तरह का आयोजन करें, उनको नमन करें, यदि कोई कार्य करने जा रहे हों तो उनके आदर्श अपने सामने रखें, तभी उनके प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। उन्होने कहा कि निश्चित रूप से हम उतने महान नहीं है, कि हम सर्वस्व न्यौछावर कर दें और परिस्थितियां भी नहीं है, उस समय परिस्थितियां अलग थी, लेकिन प्राण प्रण से हम देश के हित में कार्य करने में तो जुट ही सकते हैं। उन्होने कहा कि यदि हम इनके बारे में नहीं जानेंगे कि इन्होने कितने महान कार्य किये, तो इनके प्रति श्रृद्धावनत्व होकर उनके मार्गों पर चलने की प्रेरणा हमें नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में बेवर के बारे में सुना था, यह महान घटना 14, 15 अगस्त 1942 को घटित हुयी, 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस मनायें, तो इनको अवश्य याद रखें, जब हम झंडे की ओर देखें तो उनकी तस्वीरंे झंडें में दिखे। उन्होने आव्हान करते हुये कहा कि आज जब आप यहां से जायें इन शहीदों के प्रति श्रृद्धांजलि, श्रृद्धा का भाव अपने हृदय में लेकर जायें और प्रयास करें कि इन शहीदों द्वारा किये गये महान कार्यों का सौवां अशं भी यदि अपने आचरण में उतार पायें, तो हमारा जीवन सार्थक होगा, देश के प्रति हम कुछ कर पायेंगे और यही इन शहीदों के प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।
जिलाधिकारी ने शहीद जमुना प्रसाद त्रिपाठी की पौत्री रंजना, सीताराम गुप्ता के प्रपौत्र गोलू गुप्ता, विद्यार्थी कृष्ण कुमार के प्रपौत्र धर्मेंद्र मिश्रा, स्वतंत्रता संग्राम सैनानी बाबू राम गुप्ता के पौत्र राजीव गुप्ता, सूबेदार आर्य के पौत्र अरविंद आर्य का सम्मान किया। जिलाधिकारी, स्मारक समिति के पदाधिकारियों, शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने अमर शहीद जमुना प्रसाद त्रिपाठी, सीता राम गुप्ता, छात्र कृष्ण कुमार की समाधि पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित किए, स्मारक समिति के संस्थापक पूर्व विधायक स्व. जगदीश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व विधायक स्व. लल्लू सिंह चौहान, पूर्व चेयरमैन स्व. महेश चंद्र वर्मा, प्रमुख समाज सेवी आनंद स्वरूप अग्रवाल जी के चित्र पर भी माल्यार्पण किया गया। स्मारक समिति के सदस्य अधिवक्ता विद्याराम यादव ने शहीद स्मारक समिति का संक्षिप्त परिचय, समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं साहित्यकार श्रीकृष्ण मिश्र ने 09 अगस्त से 15 अगस्त तक चले आंदोलन, 1857 से 1947 तक देश को स्वतंत्र कराने के लिए देश में जितने भी आंदोलन हुए उसमें मैनपुरी के प्रतिनिधित्व के बारे में विस्तार से बताया। समिति अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा ने आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया। राज त्रिपाठी, राम धन, सफी मंसूरी, महेंद्र सिंह, घनश्याम दास गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बीनू बंसल अशोक गुप्ता पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बृजेश चौबे धीरेन्द्र फौजी ने तिरंगा पट्किा अतिथियों को पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख मनेश चौहान, अधिवक्ता महेंद्र भारद्वाज, सहाबुद्वीन, आदित्य जैन, मुकेश प्रधान, ललित वर्मा मुकेश सक्सेना एस. सारा भाई, राज कुमार ंिसंह चौहान, अजय सागर, प्रशांत मिश्रा आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन डॉ चंद्र मोहन सक्सैना ने किया।



