मैनपुरी(सुवि)मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के नव-निर्मित सभागार का उद्घाटन करने के पश्चात विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों, शाखा प्रबंधकों के साथ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा करते हुए बैंकर्स से कहा कि योजना के अंतर्गत प्रेषित पत्रावलियों को प्राथमिकता पर स्वीकृत कर युवाओं को ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, कोई भी बैंकर्स पत्रावलियों को अकारण निरस्त न करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान बंधन बैंक, एच.डी.एफ.सी. बैंक, एक्सिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक द्वारा योजना में प्रेषित पत्रावलियों के सापेक्ष ऋण वितरण की खराब प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों के जिला समन्वयकांे को आदेशित करते हुए कहा कि तत्काल प्रेषित पत्रावलियों को स्वीकृत कर युवाओं को ऋण वितरण करना सुनिश्चित करें ताकि वह अपना स्वतःरोजगार स्थापित कर स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि एच.डी.एफ.सी. बैंक द्वारा प्रेषित 65 पत्रावलियों के सापेक्ष 05 पत्रावलियों को स्वीकृत कर मात्र 01 पर, बंधन बैंक द्वारा प्रेषित 02 पत्रावलियों में से एक भी पत्रावली स्वीकृत न करने, एक्सिस बैंक द्वारा प्रेषित 09 पत्रावलियों में से 02 को स्वीकृत कर 02 पर ऋण वितरण किया गया जबकि पंजाब नेशनल बैंक द्वारा प्रेषित 78 पत्रावालियों के सापेक्ष 15 स्वीकृत कर 12 पर ऋण वितरण किया गया, बैंक द्वारा 35 पत्रावलियां निरस्त की गईं कमोबेश यही स्थिति केनरा बैंक की है, केनरा बैंक द्वारा 54 पत्रावलियों के सापेक्ष 16 को स्वीकृत कर 14 पर ऋण वितरण किया एवं 36 पत्रावलियां निरस्त की गई, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में निरस्त की गयीं पत्रावलियों पर कारण स्पष्ट करने को कहा, बैंक ऑफ़ इण्डिया द्वारा प्रेषित 448 पत्रावलियों के सापेक्ष 137 को स्वीकृत कर 80 पर ऋण वितरण, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त द्वारा प्रेषित 273 पत्रावलियों के सापेक्ष 118 को स्वीकृत कर 116 पर ऋण वितरण करने पर उन्होंने उक्त बैंकों के जिला समन्वयकों की प्रशंसा भी की।

बैठक में विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, जिला समन्वयक के अलावा उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र, नाबार्ड से मितेश यादव, जिला अग्रणी प्रबंधक रामचंद्र साहा आदि उपस्थित रहे।