सोमेश्वर सिंह सोलंकी-
अनार स्वास्थवर्धक एवं अनुपम गुणों का भंडार है। इस फल के सेवन करने वाले कभी बीमार नहीं पड़ते हैं। इसके लाल मोती जैसे दाने अपना सौन्दर्य दिखाते हैं। ये फल मीठे खट्टे या खटमि_ïे होते हैं। अनार के लाल दाने सूख जाने पर अनार दाना कहे जाते हैं।
अनार खाने में पाचक, रक्तवर्धक एवं स्वादिष्ट होता है। इसका जन्म स्थल अरब देश है। किंतु समय की रफ्तार से यह इंग्लैंड, स्पेन और मैक्सिको आदि देशों में पहुंचा।
अनार के रासायनिक गुण-
इसके गुणकारी तत्वों मेेें प्रोटीन 1.6 प्रतिशत, वसा 0.1 प्रतिशत, कार्बोहाईड्रेट 14.5 प्रतिशत तथा 20 एम जी केल्शियम की मात्रा पाई जाती है। विटामिन सी 16 एम जी मिलता है।
इसमेें सोडियम भी मिलता है। इसका कैलोरिक मूल्य 650 होता है। अनार एक पौष्टिक फल है, इसमें भरपूर रस होने से खुश्क गला तर हो जाता है। इसलिए कहा जाता है कि एक अनार सौ बीमार।
अनार के औषधीय गुण- इसे खाते रहने से दीर्घ जीवन और उत्तम स्वास्थ्य बनता है। यह दाह ज्वर, हृदय रोग, कंठ रोग तथा मुख की दुर्गंध मिटाता है। मीठे अनार में अनेक गुण है। यह तृप्तिदायक, बल-बुद्घि दायक एवं वीर्यवर्धक होता है। इसका गूदा क्षार युक्त, त्रिदोष नाशक और रक्त उत्पादक होता है। खट्टा, मीठा अनार-अग्नि वर्धक, रूचिकर, कुछ पित्ति कारक होता है और बदहजमी में भी श्रेष्ठ होता है। इसका पाउडर पेट का अल्सर ठीक करता है और पेट की विषमता दूर करने में उपयोगी है।
अम्लपित्त (एसीडिटी)- अनार का रस और मूली का रस समान मात्रा में, अजवायन पिसी हुई और सैंधा नमक दोनों एक चुटकी मिलाकर पीने से अम्ल पित्त मिट जाता है।
अतिसार- अनार के रस में पका केला मथकर सेवन किया जाये अथवा सौंफ, धनिया तथा जीरा केे बराबर मात्रा में पीसे हुए चूर्ण को अनार के रस के साथ पीयें।
रक्त की कमी- अनार का रस व मूली का रस समान मात्रा में पीयें तो एनीमिया शीघ्र दूर हो जाता है।
कब्ज- अनार के पत्ते औटाकर उसका काढ़ा पीने से कब्ज ठीक हो जाता है या अजवायन का चूर्ण खाकर फिर अनार का रस पीयें।
मुंह के छाले- अनार के पेड़ की छाल जलाकर बारीक पीसें फिर चूर्ण करें इसे छालों पर लगाएं, लार टपकायें तो मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
बहुमूत्रता-अनार के सूखे छिलके भूनकर चूर्ण बनायें जिसके 50 ग्राम चूर्ण में 200 ग्राम अजवायन पीसकर मिलाएं, आधा चम्मच की मात्रा में प्रतिदिन दो बार सेवन करें, बहुमूत्रता दूर कर देता है।
पेट का दर्द- हिंगवाष्टक चूर्ण अनार के शर्बत के साथ पीयें। (विनायक फीचर्स)