युवा अपने ज्ञान को परीक्षा देने तक सीमित न रखें बल्कि ज्ञान को जीवन में उतारे ज्ञान का सदुपयोग समाज को सही दिशा देने के लिए करें-अंजनी कुमार।
मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने 15 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सुदिति ग्लोबल एकैडमी में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये ’’उसूलों पर जो आंच आए तो टकराना जरुरी है, अगर जिंदा हो तो पर जिंदा नजर आना जरूरी है’’, ’’नई उम्रों की खुद मुख्तारियों को कौन समझाए, कहां से बच निकलना है, कहां जाना जरूरी है’’ के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान का सदुपयोग, निर्वाचन के दौरान मतदान केन्द्र पर जाना जरूरी है और शिथिलता, उदासीनता, लापरवाही, देश के प्रति कर्तव्यों की उपेक्षा से बचना जरूरी है। उन्होने कहा कि देश की प्रगति, विकास, ख्याति वहां के नागरिकों से होती है, इसलिए हम सब का पुनीत कर्तव्य है कि देश को सही दिशा में ले जाने के लिए, अच्छा नागरिक बनने के लिए सबसे पहले 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करायें और प्रत्येक निर्वाचन की मतदान प्रक्रिया मंे सक्रिय भूमिका निभाकर अपने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी महति भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि जो बातें पहले तलवारों के दम पर तय होती थी वह आज आपके एक वोट से तय हो रही हैं, सभी मतदाता अपने वोट की ताकत को पहचानें, आपके लिए विकास, शिक्षा आदि की नीति आप द्वारा चुने हुए जन-प्रतिनिधियों द्वारा ही बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि घर पर बैठकर आपस में चर्चा होती है कि यह निर्णय सही है, यह गलत लेकिन जब मतदान की बारी आती है, तो हम सब भूल जाते हैं, एयर कंडीशन रूम में बैठकर किसी के ऊपर टिप्पणी करना आसान है लेकिन अपने घर से मतदान स्थल तक जाने में संकोच करते हैं, हमारी सोच होती है कि हमारे एक मत से क्या होगा लेकिन तमाम जगह एक मत के अंतर से भी जन-प्रतिनिधि चुने जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हमारी भूमिका क्या है, इस देश को आगे ले जाने में संवेदनशील रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करें, अभिव्यक्ति की आजादी मिलने पर कहा गया कि तलवार की ताकत से कहीं अधिक ताकत कलम की होती है क्योंकि तलवार परिवर्तन बलपूर्वक कराती है और कलम विचारों में परिवर्तन लाने का कार्य करती है।
श्री सिंह ने कहा कि आज विद्यालय के छात्रों ने जो भी प्रस्तुतियां दी उन सबका एक ही मकसद था कि प्रत्येक निर्वाचन में अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें, आपका वोट सबसे ज्यादा शक्तिशाली है इस पर सभी युवा विचार करें और अपने दायित्वों का निर्वहन कर इस देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में अपना योगदान दें। उन्होंने उपस्थित छात्रों से कहा कि पढ़ाई को सिर्फ परीक्षा देने तक सीमित न रखें बल्कि ज्ञान को अपने जीवन में उतारे और अपने ज्ञान में वृद्धि करें, जैसे-जैसे आपके ज्ञान में वृद्धि हो उसका उपयोग समाज को सही दिशा देने के लिए करें, आपको मिलने वाला ज्ञान आपकी स्वतंत्र विचारधारा को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा ।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय के बच्चों ने प्रस्तुति दी है, बच्चों में जो अनुशासन है वह प्रशंसनीय है, सभी प्रस्तुतियों ने मतदान करने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने तमाम यातनाएं झेलीं, जब 1951 में निर्वाचन हुआ, तो पूरी दुनिया की नजरें हम पर टिकी थीं, हमारा लोकतंत्र उत्तरजीवी होगा या नहीं, हम पर जो शासन करते थे, हमेशा आरोप लगाते थे कि हम स्वयं का शासन करने योग्य नहीं है, यहां के अधिकांश लोग धर्म, पंथ, जाति, मजहब, वर्ग, क्षेत्र के नाम पर बटें हुए हैं लेकिन जब निर्वाचन हुआ तो महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी की और ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जो दुनिया के लिए नजीर बना और हमें स्थाई लोकतंत्र मिला। उन्होंने कहा कि आज जागरूकता होने के बावजूद भी बड़े-बड़े शहरों में जहां शैक्षिक स्तर बेहतर है, वहां मतदान का प्रतिशत कम रहता है, जिसका अर्थ है कि वहां के मतदाता मतदान में रुचि नहीं लेते, मतदान के दिन घर से नहीं निकलते, छुट्टी मनाते हैं, हमें इस परिपाटी को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 1951 के बाद जितने भी निर्वाचन हुए हैं उसमें निरंतर सुधार देखने को मिला है, पहले पर्ची से मतदान होता था, अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के माध्यम से मतदान प्रक्रिया हो रही है, निर्वाचन में पहले हिंसा की सूचनाएं मिलती थी लेकिन आज निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हो रही हैं, यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि आप सब अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनायें, जब लोकतंत्र मजबूत होगा तो विश्व में हमारे लोकतंत्र की पहचान होगी।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है, जहां सभी को समान रूप से मताधिकार करने का अवसर प्रदान किया है, 18 वर्ष का वयस्क चाहे वह किसी भी धर्म-जाति-मजहब का हो, किसी के साथ कोई मतभेद नहीं। उन्होने कहा कि जब देश में पहली बार मताधिकार करने का अवसर मिला तब महिलाएं, पुरुष सज संवरकर मतदान केन्द्रों पर आए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि जाति, धर्म के आधार पर नहीं बल्कि अपनी मर्जी से सुयोग्य उम्मीदवार के पक्ष में मताधिकार अवश्य करें।
जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, सुदिति ग्लोबल के प्रबन्ध निदेशक ने मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान अर्ह तिथि 01 जनवरी 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर मतदाता सूची में नाम सम्मिलित होने पर दीक्षा गोस्वामी, इशांत कुमार, गगन कुमार, कुमकुम, शिवांगी, भूमि गोस्वामी को मतदाता फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराये वहीं मतदाता जागरूकता पर आयोजित ’’वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर करेंगे हम’’ थीम पर आयोजित स्लोगन लेखन मंे पथम स्थान पर रहे नयन राज सिंह, द्वितीय स्थान पर आत्मिक एवं तृतीय स्थान पर रहे तनिष्क कुमार, पोस्टर प्रतियोगिता मंे प्रथम स्थान पर रहे यशी नारायण, द्वितीय स्थान पर रशिका चौहान, तृतीय स्थान पर अनिका यादव एवं निबन्ध लेखन में प्रथम स्थान पर रहे अविशा यादव, द्वितीय स्थान पर विराट कुमार, तृतीय स्थान रहे वैष्णवी शाक्य को भी प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत, गुइंया चलो छैया-छैया चुनाव करें, जल्द चलो बहन-भैया मतदान करें, हम भारत के मतदाता-मतदान करने जाएंगे, ’’बनेगा देश महान-जब वोट करेंगे हम’’ पर मोहक नृत्य, गीत प्रस्तुत किये, मतदान के महत्व पर आधारित नुक्कड-नाटक के माध्यम से उपस्थित युवाओं को संदेश दिया कि गलत व्यक्ति के पक्ष में प्रलोभन में आकर मतदान करने से किस प्रकार के दुष्परिणाम समाज को भुगतने पडते हैं, कैसे देश का विकास अवरूद्व होता है, का संदेश दिया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी राम जी मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, स्वीप कार्डीनेटर डा. शैफाली यादव, तहसीलदार सदर विशाल सिंह, अनिल सक्सैना, अनुज कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार, गोपाल गुप्ता, अविनाश सक्सैना, प्रवीन पाण्डेय आदि उपस्थित रहे, सुदिति ग्लोबल एकैडमी के निदेशक डा. राममोहन, प्रधानाचार्य डा. कुसुम मोहन, लव मोहन ने सभी अतिथियों को माल्यार्पण, शॉल, प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।



