मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान उपस्थित अधिकारियों से कहा कि शासन स्तर से इस वर्ष के वृक्षारोपण का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है, जनपद में वन महोत्सव के अन्तर्गत 35 लाख 63 हजार 100 पौधे रोपित किये जायेंगे, निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सर्वाधिक ग्राम विकास विभाग द्वारा 14 लाख 02 हजार, वन विभाग द्वारा 10 लाख, कृषि विभाग द्वारा 02 लाख 81 हजार, पर्यावरण विभाग द्वारा 01 लाख 86 हजार, उद्यान विभाग द्वारा 01 लाख 74 हजार, पंचायती राज विभाग द्वारा 01 लाख 51 हजार, राजस्व विभाग द्वारा 01 लाख 18 हजार एवं नगर विकास द्वारा 28 हजार पौधे इस वर्ष अभियान के अंतर्गत रोपित किए जाने का लक्ष्य जनपद स्तर पर निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल स्थल का चयन कर सूची वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गत वर्ष वन महोत्सव के दौरान जो पौधे रोपित किए गए हैं, उसके जीवितता की रिपोर्ट नियमित रूप से वन विभाग को उपलब्ध करायें, नोडल अधिकारी अपने-अपने साइट का निरंतर सत्यापन करें, जो पौधे मृत हो गए हैं, उनके स्थान पर नए पौधे रोपित किए जाएं, सुनिश्चित किया जाए कि अधिक से अधिक पौधे विकसित हों। उन्होंने कहा कि निरंतर घटते वृक्षों, वन क्षेत्र के कारण पर्यावरण में असंतुलन बढ़ रहा है, जिसका नतीजा हम सबके सामने हैं, हम सबको सम्मिलित प्रयास कर वृक्षों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ वन क्षेत्र को बढ़ाना होगा ताकि आगे आने वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण मिल सके।

श्री सिंह ने अधिशासी अधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि प्रतिबंधित पॉलिथीन का प्रचलन रोके जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही करें, अभियान चलाकर प्रतिबंधित पॉलिथीन की बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही कर उनसे जुर्माना वसूला जाए, कूड़ा उठान के साथ-साथ निस्तारण के भी बेहतर प्रबंध किए जाएं, एम.आर.एफ. सेंटर संचालित रहे ताकि कूड़े का बेहतर ढंग से निस्तारण हो सके। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि जिन ग्रामों में ग्राम गंगा समितियांे का गठन हो चुका है, वहां प्रतिमाह ग्राम गंगा समितियों की बैठकांे का आयोजन किया जाए और कार्यवृत्त ससमय प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, बैठक में लोगों को नदी में ठोस अपशिष्ट न डालने के लिए जागरूक किया जाए, नहरों, नदियों के किनारो पर गंदगी न रहे सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद की जीवनदायनी ईसन नदी के पुर्नउद्धार के लिए तत्काल कार्य योजना तैयार की जाए, बार-बार निर्देशों के बाद बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इसमें लापरवाही बरती जा रही है, ईसन नदी के ग्रामीण क्षेत्र के एरिया में मनरेगा से एवं शहरी क्षेत्र में जन सहयोग, स्थानीय निकाय की धनराशि से साफ-सफाई का कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि नहर, नदी मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है इसलिए इनका संरक्षण हम सब की जिम्मेदारी है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वनिकी संजय कुमार मल्ल, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, परियोजना निदेशक सत्येंद्र कुमार, उपायुक्त मनरेगा श्वेतांक पांडेय, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंन्द्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, समस्त खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय के अलावा अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित ने किया।