मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला स्तरीय समीक्षा समिति, बैंकर्स की बैठक की समीक्षा के दौरान कहा कि गत माह के सापेक्ष बैंकर्स ने ऋण जमानुपात सुधारने की दिशा में कार्य किया है, जनपद का सी.डी. रेशियो 76.54 प्रतिशत है, जो काफी बेहतर है लेकिन गत माह आर्यावर्त, ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, आई.डी.बी.आई. बैंक के ऋण जमानुपात में कमी आई है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बैंकर्स द्वारा फसली ऋण, कृषि ऋण वितरण के लक्ष्यों की पूर्ति में रुचि नहीं ली जा रही है, फसली ऋण के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा मात्र 6.98 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक द्वारा मात्र 15.07 प्रतिशत, जिला सहकारी बैंक द्वारा 24.23 प्रतिशत, इंडियन बैंक द्वारा 24.72 प्रतिशत, बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा 24.89 प्रतिशत, कृषि ऋण में बैंक ऑफ़ महाराष्ट्रा द्वारा मात्र 05.81 प्रतिशत, बैंक ऑफ बडौदा द्वारा 07.24 प्रतिशत, यूको बैंक द्वारा 18.87 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 22.40 प्रतिशत, इंडियन बैंक द्वारा 25.32 प्रतिशत की पूर्ति की गई है कमोवेश यही स्थिति टर्म लोन, एम.एस.एम.ई., अन्य प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों में है जो निराशाजनक है। उन्होंने बैंकर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने लक्ष्यों की पूर्ति करें, प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध करायें।
श्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत भेजी गई पत्रावलियों पर सी.सी.एल. का लाभ मिले ताकि समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत, स्वावलंबी बन सकें, बैंकर्स जनहित में कार्य करें, शासन की जन-कल्याणकारी, लाभार्थीपरक योजनाओं में प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराएं, ऋण-वितरण में बैंकर्स विलंब न करें, स्वीकृत पत्रावलियों पर तत्काल ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 106 के सापेक्ष 282 पत्रावलियां प्रेषित की गयीं, जिसमें से 90 स्वीकृत कर 75 पर ऋण-वितरण किया गया, जबकि 73 पत्रावलियां स्वीकृत हेतु लंबित हैं, 119 पत्रावलियां बैंकों द्वारा वापस की गयीं हैं, एक जनपद-एक उत्पाद योजना में वार्षिक लक्ष्य 31 के सापेक्ष विभिन्न बैंकों को 137 पत्रावलियां प्रेषित की गयीं, जिसमें से बैंकर्स द्वारा 51 पत्रावलियां स्वीकृत कर 40 पर ऋण वितरण किया जा चुका है, अभी बैंकों में 29 पत्रावलियां स्वीकृत हेतु लंबित हैं, कमोवेश यही स्थिति मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत वार्षिक लक्ष्य 36 के सापेक्ष 86 पत्रावलियां बैंकों को प्रेषित की गयीं, जिसमें से 15 पत्रावलियां स्वीकृत कर 08 पर ऋण-वितरण किया गया, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 3350 लक्ष्य के सापेक्ष 3455 पत्रावलियां प्रेषित हुयीं, जिसमें से 2815 पत्रावलियों को स्वीकृत कर 2667 पत्रावलियों पर सीसीएल वितरण किया जा चुका है, अभी बैंकों में 614 पत्रावलियां स्वीकृत हेतु अवशेष हैं।
जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा करने पर पाया कि व्यवसायिक बैंक द्वारा नवीनीकरण लक्ष्य 70725 के सापेक्ष 32929 नये के.सी.सी. के लक्ष्य 30687 केे सापेक्ष 30176 एवं सहकारी बैंक द्वारा नवीनीकरण लक्ष्य 4109 के सापेक्ष 6431, नये के.सी.सी. के लक्ष्य 3086 केे सापेक्ष 616 किसान क्रेडिट कार्ड बनाये गये हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, रिजर्व बैंक से श्रवण कुमार राम, नबार्ड से नितेश कुमार, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र त्रिपाठी, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंन्द्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सोमदत्त, जिला उद्यान अधिकारी अनूप चतुर्वेदी, के अलावा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला अग्रणी प्रबन्धक रामचन्द्र साहा ने किया।



