बेटी के जन्म से लेकर विवाह तक सारी जिम्मेदारियां प्रदेश सरकार के कंधों पर, महिलाओं, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता- रेनू गौड।
मैनपुरी(सुवि)उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड ने ट्रांजिस्ट होस्टल में महिलाओं की समस्याओं को सुनने के उपरांत पीड़ित महिलाओं से कहा कि अपने अधिकारों को समझें, महिलाओं के आत्म-सम्मान, स्वावलाम्बन, आर्थिक रूप से सुदृण बनाने के लिए केन्द्र-प्रदेश सरकार ने तमाम योजनाएं संचालित की हैं, संचालित योजनाओं की जानकारी कर उनका लाभ लें, जन्म से लेकर बेटी के विवाह तक सारी जिम्मेदारियां प्रदेश सरकार ने अपने कंधों पर ली है, महिलाओं, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी से लेकर उच्च शिक्षा तक समय-समय पर धनराशि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी के वयस्क होने पर उसकी शादी शान-ओ-शौकत के साथ सरकारी खर्चे पर जन-प्रतिनिधियों, उच्चधिकारियों की उपस्थिति में कराने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू कीं, बालिकाओं के स्नातक स्तर की शिक्षा के साथ महिला, बालिका की सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किए, किसी भी स्तर से पीड़ित महिला अपनी बात पुलिस को निःसंकोच कह सके इसके लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प-डेस्क की स्थापना कर उस पर महिला पुलिसकर्मियों की ही तैनाती की गई।
उन्होंने जन-सुनवाई के दौरान फरियाद लेकर आयीं महिलाओं से कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी महिला का शोषण किया जाये तो महिला संकोच न करे बल्कि तत्काल अपनी शिकायत थाने पर जाकर दर्ज करायें, पीड़ित महिला को तत्काल राहत मिलेगी, महिलाओं का उत्पीड़न करने वाले, महिलाओं के साथ मारपीट करने वाले लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर कार्यवाही होगी। उन्होने कहा कि पीडित महिलाओं की समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से जनपद स्तर पर महिला जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होने जिला कारागार पंहुचने पर पाया कि प्रोबेशन कार्यालय द्वारा कारागार निरीक्षण की जानकारी जेल अधीक्षक को नहीं दी गयी, जिस पर उन्होने प्रोबेशन अधिकारी से कहा कि भ्रमण, निरीक्षण के सम्बन्ध में भविष्य में सभी सम्बन्धित को समय से सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
आज जन-सुनवाई दौरान पुराना भरथना इटावा नि. निधि, नेहा ने पिता की मृत्यु के उपरांत विरासत दर्ज करते समय लेखपाल द्वारा सम्पत्ति में नाम दर्ज न करने, मो. हरीपुरम राधा रमन रोड नि. गीता देवी ने पति से पेंशन, सम्पत्ति में हिस्सा दिलाये जाने की मांग अपने प्रार्थना पत्रों के माध्यम से महिला आयोग की सदस्य के सम्मुख प्रस्तुत की, जिस पर उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को पृष्ठाकिंत कर त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित करते हुये कहा कि महिलाओं को उनका हक प्रत्येक दशा में मिले, पिता की मृत्यु के उपरांत अविवाहिता पुत्री का नाम भी विरासत के समय दर्ज किया जाये, पत्नी से विवाद फलस्वरूप सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त व्यक्ति से पत्नी को भरण-पोषण हेतु पेंशन से प्रतिमाह धनराशि उपलब्ध करायी जाये।
महिला जन-सुनवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव राव बहादुर, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेयी, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र गौर सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



