सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवरस्पीड, मोबाइल का प्रयोग, स्टंटबाजी इससे बचें युवा, उत्साह को न होने दें हाबी बल्कि बुद्धि, विवेक का करें प्रयोग. 

मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सुदिति ग्लोबल एकेडेमी में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा अभियान के शुभारंभ अवसर पर आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुये कहा कि आज हमारा देश 02 महान विभूतियांे का जन्म दिवस मना रहा है, आज के राष्ट्रीय पर्व की आपकोे बधाई, शुभकामनाएं देता हूं। उन्होने कहा कि आज छात्रों के बीच आने का अवसर प्राप्त हुआ और मैं ऐसे अवसर को खोना नहीं चाहता, क्योंकि जब मैं छात्रों, बच्चों के बीच आता हूं तो अपनी व्यस्तता, कार्यों को दर-किनार कर आपके ही उम्र में पहुंच जाता हूं, बचपन की उम्र में पहुंचने का अनुभव बड़ा ही अच्छा होता है। उन्होने कहा कि आज आप सबको प्रतिदिन स्कूल आना, नियमित पढ़ना, अनुशासन में रहना, शिक्षकों की डांट खाना बोझिल लगता होगा लेकिन जब आप जीवन में आगे बढ़ेंगे तो यह सबकुछ आपको अच्छा लगेगा। उन्होने कहा कि छात्र-जीवन जिन्दगी का सबसे अच्छा समय होता है, आप इस समय का सदुपयोग कर अपने जीवन की आधारशिला रख सकते हैं। उन्होने कहा कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सड़क सुरक्षा पर आधारित जो मोहक प्रस्तुति दी है, उसके आगे सड़क सुरक्षा पर कुछ कहने को बचा ही नहीं है, छात्रों ने नाटक, गायन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के सभी मानकों को बेहतर ढंग से समझाने का कार्य किया है, छात्रों ने लगभग सारी बातें कह दी, एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है, जो बच्चों ने अपने एक्शन एक्ट करके दिखा दिया है कि किस तरह हेलमेट का प्रयोग करें, कैसे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, नियमों का पालन करने, नियमों की अनदेखी करने से क्या होता है, सब कुछ बच्चांे ने समझा दिया है, प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राएं, प्रस्तुति की तैयारी कराने वाले शिक्षक साधुवाद के पात्र हैं।

श्री सिंह ने कहा कि आज दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है, हर चीज में प्रगति हो रही है, आप लोगों ने जो प्रस्तुति दी, अगर इसकी तुलना 20-30 वर्षों पूर्व से की जाये तो न उस समय इतनी अच्छी तकनीक थी और नाहीं इतने अच्छे सीखने, सिखाने वाले थे और नाहीं इतने संशाधन थे। उन्होंने कहा कि आप सब उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, यह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाग है, इस उम्र में विवेक, बुद्धि पर उत्साह, जोश हाबी रहता है, हर काम में विवेक, बुद्धि से ज्यादा जोश, उत्साह का उपयोग करते हैं और यही हमारे जीवन को संकट में डालता है। उन्होने कहा कि विवेक का साथ कभी न छोड़ंे, अपने ऊपर उत्साह को हाबी न होने दें, वाहन चलाते समय विवेक से कार्य लें, उत्साह में आकर यातायात नियमों की अनदेखी न करें, ओवरस्पीड से बचें, स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होने कहा कि आप सबके कंधों पर इस देश, समाज को विकास के पथ पर अग्रसर करने की जिम्मेदारी है, आप सब जीवन में अनुशासित रहकर नियमों का पालन करें, सड़क दुर्घटना से होने वाली क्षति स्थाई होती है और उसकी भरपाई नहीं की जा सकती, जब आप इन बातों पर ध्यान देंगे, अपने विवेक का प्रयोग करेंगे तो आप निःसंदेह दुर्घटनाग्रस्त होने से बचेंगे और अन्य लोगों को भी बचाएंगे, जीवन अनमोल है, इसे नियमों की अनदेखी कर बर्बाद न करें।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने सड़क सुरक्षा पखवाड़ा अभियान के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यातायात के कार्यक्रम पूरे वर्ष संचालित होते रहते हैं, लोगों को जागरूक किया जाता हैं, विद्यालय के छात्रों ने जिस तरह से प्रस्तुतीकरण दिया है वह सराहनीय है, उसमें किस तरह से घटनाएं होती हैं, कैसे उनका बचाव किया जाता है, पेंटिंग के माध्यम से इसका संदेश देने का प्रयास किया गया है। उन्होने कहा कि निरतंर जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद लोग यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पूरे देश में असंख्य दुर्घटनाएं घटित होती है, सड़क दुर्घटनाओं में असामयिक मृत्यु के ऑकड़े भयाभय हैं, सड़क दुर्घटनाओं में 60 से 70 प्रतिशत व्यक्ति असामयिक मृत्यु का शिकार होते हैं, जनपद में भी काफी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं घटित होती हैं, वर्ष में कम से कम 500 तक सड़क दुर्घटनाएं होती है, जिसमें 300 तक लोग असामयिक मृत्यु के शिकार हो जाते हैं यह हम सबके लिए चिंता का विषय है, हम सबको बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सम्मलित प्रयास करने होंगे। उन्होने कहा कि सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं ओवर स्पीड, नशे में गाड़ी चलाने, देर रात्रि में नींद के समय वाहन चलाने, स्टंट करने के फलस्वरूप घटित होती हैं। उन्होने कहा कि यातायात के नियमों काफी बदलाव हुये हैं, अब दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन हॉवर में चिकित्सालय तक पहुंचाने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने का प्राविधान किया गया है, इसलिए सभी लोग घायल व्यक्तियों की मद्द को आगे आयें और उनका जीवन बचाने में योगदान दें।

विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने शहर, गांव की सड़क पर आधारित ’’प्यारे भाई-बहनों यह जीवन है अनमोल’’ पर आधारित लोकनृत्य प्रस्तुत किया, विद्यालय की छात्रों ने नाटक के मंचन से हेलमेट का प्रयोग करने, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट-बेल्ट का प्रयोग करने, वाहन नियंत्रित गति में चलाने का संदेश दिया, विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा. राम मोहन, डा. कुसुम मोहन, डा. लव मोहन ने विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित सभी अतिथियों को शॉल, प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया, इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरूण सहित सुदिति ग्लोबल स्टॉफ, छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।

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