मैनपुरी(सूवि)आशा के भुगतान में किसी भी स्तर पर अवैध धनराशि की मांग न की जाए, भुगतान के नाम पर आशाओं से अवैध रूप से धनराशि मांगे जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही है, प्र. चिकित्साधिकारी इस ओर ध्यान दें, आशाओं के मानदेय का समय से भुगतान हो, जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रसूताओं को तत्काल मिले, गर्भवती के भर्ती होते ही उससे बैंक डिटेल प्राप्त की जाए, डिस्चार्ज होने पर ही उसके खाते में योजना के तहत मिलने वाली धनराशि सीधे भेजी जाए, प्रसूता को 102 एंबुलेंस से घर भेजा जाए, भर्ती रहने के समय उसे सुबह का नाश्ता, दोपहर, शाम का गुणवत्तायुक्त खाना मीनू के अनुसार समय से उपलब्ध कराया जाए, खाने की गुणवत्ता साप्ताहिक रूप से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, प्र. चिकित्साधिकारी स्वयं खाकर चेक करें मय फोटोग्राफ्स सहित रिपोर्ट उपलब्ध करायें, एंबुलेंस 108 का लाभ मरीजों को मिले, आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित समय में एंबुलेंस मरीज तक पहुंचे, सुनिश्चित किया जाए।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा के दौरान देते हुए कहा कि आशा, ए.एन.एम., संगिनी आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं को पंहुचाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है लेकिन इनके भुगतान में कुछ प्र. चिकित्साधिकारियों द्वारा विलंब किया जा रहा है। उन्होंने आशा, संगिनी के पेमेंट में स्वास्थ्य केंद्र करहल, किशनी, बेवर में खराब प्रगति पाए जाने पर प्र. चिकित्साधिकारियों को चेतावनी निर्गत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने समीक्षा के दौरान असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में 04 गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान मृत्यु हुई है, जो चिंताजनक है, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस और ध्यान दें, प्रसव के दौरान किसी भी गर्भवती की मृत्यु न हो सुनिश्चित किया जाए। उन्होने जिला क्षय रोग अधिकारी से कहा कि चिन्हित क्षय रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शासन की योजना का लाभ समय से मिले, क्षय रोगियों की उचित देखभाल कर उन्हें इस बीमारी से मुक्ति दिलाने की दिशा में कार्य किया जाये, जनपद में संचालित अल्ट्रासाउण्ड सेंटर निर्धारित मानकों का पालन करें, अल्ट्रासाउण्ड सेंटर की नियमित जांच हो।
श्री सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सेक सूची, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड, अंत्योदय राशन कार्ड, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे खराब प्रगति स्वास्थ्य केंद्र मैनपुरी अर्बन की मात्र 40 प्रतिशत, स्वास्थ्य केंद्र किशनी की मात्र 49 प्रतिशत है, उन्होंने संबंधित प्र. चिकित्साधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति सुधारें अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही होगी। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत महिला, पुरुष नसबंदी के निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप आयोजित कर महिला-पुरुष नसबंदी की प्रगति सुधारें। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आर.बी.एस.के टीमें विद्यालयों, आंगनबाडी केंद्रो का भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करें। उन्होने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि जिस दिन विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे, उस दिन पंजीकृत सभी बच्चे विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र पर उपस्थित रहे, प्र. चिकित्साधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाएं, इस कार्यक्रम में खानापूर्ति न की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर.सी. गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर सै. सानिया सोनम एजाज, मुख्य चिकित्साधीक्षक महिला डा. शिव कुमार उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी कयामुद्दीन अंसारी, जिला पंचायत राज अधिकारी तुलसी राम, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव राव बहादुर, डॉ. अनिल वर्मा, एस.एम.ओ. डा. वी.पी. सिंह, डीएमसी यूनिसेफ संजीव पांडेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आशुतोष, समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रविन्द्र गौर, डीपीएम संजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।