
मैनपुरी 25 अगस्त, 2023- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक में कहा कि कुपोषण से ग्रसित बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए सम्बन्धित विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें, चिन्हित सैम-मैम बच्चों केे स्वास्थ्य की साप्ताहिक जानकारी की जाये, बी.एच.एन.डी. सत्र पर क्षेत्र के चिन्हित सभी सैम-मैम बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका आंगनबाड़ी केन्द्र पर लाकर उसके स्वास्थ्य की जांच करायें, जो बच्चे सैम श्रेणी में है, उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए, उनके अभिभावकों को पे्ररित कर 14 दिन तक एन.आर.सी. में भर्ती कराया जाये, जहां उनकी उचित देखभाल की जाए, उत्तम क्वालिटी का खाना मुहैया कराया जाये साथ ही प्रतिदिन की दर से भुगतान भी किया जाये। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त अभियान के सभी 06 विभागों के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर बच्चों की सेहत सुधारने की दिशा में काम करे, गांव के भ्रमण के दौरान अपने सामने लक्षित बच्चों, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच कराएं, कम वजन, कम हीमोग्लोबिन वाली गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम, आॅयरन की टैबलेट उपलब्ध कराकर उन्हें पौष्टिक आहार लेने के लिए जागरूक करें ताकि पैदा होने वाला बच्चा सेहतमंद हो।
श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान उपायुक्त एन.आर.एल.एम. को आदेशित करते हुये कहा कि जिन सैम-मैम बच्चों के परिवार के जॉब कार्ड नहीं बने हैं, यदि वह मनरेगा में कार्य करने के इच्छुक हों तो तत्काल जाॅब कार्ड बनवाकर उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाये, जिला पूर्ति अधिकारी अवशेष सैम-मैम बच्चों के परिवारों के प्राथमिकता पर राशन कार्ड बनवाकर उन्हें समय से राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं उन्हें चिन्हित कर जिला पंचायत राज अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन योजना में लाभान्वित कराना सुनिश्चित करें। उन्होने स्वास्थ्य, पूर्ति, आई.सी.डी.एस., पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्वोच्च प्राथमिकता पर कुपोषण से ग्रसित बच्चों के परिवार को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि चिन्हित सैम बच्चों हेतु 06 प्रकार की दवाईयांे की किट बनवाकर साप्ताहिक रूप से ए.एन.एम., आंगनबाड़ी कार्यकत्री के माध्यम से उपलब्ध करायी जाये, प्रत्येक विकास खंड में बेहतर कार्य करने वाले 10-10 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर टूलकिट उपलब्ध करायी जाये, मध्यान्ह भोजन में श्री अन्न (मोटा अनाज) से विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर खिलाया जाये, यह अन्न बच्चों में पोषण के लिए काफी सहायक सिद्ध होगा।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने समीक्षा के दौरान असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण नहीं किया जा रहा है और नाहीं सहयोग एप पर आख्या अपलोड की जा रही है। उन्होने सी.डी.पी.ओ. को हिदायत देते हुये कहा कि नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्दांे का भ्रमण कर सहयोग एप पर आख्या अपलोड करें। उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं के ऊपर सैम-मैम बच्चों, गर्भवती, धात्री महिलाओं, किशोरियों के स्वास्थ्य की देखभाल का भी जिम्मा है, आंगनबाड़ी कार्यकत्री इस दायित्व का निर्वहन समाज हित में करें, सैम-मैम बच्चों की बेहतर देखभाल कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने में अपना सहयोग दें, गर्भवती महिलाओं को समय से समस्त टीके लगें, उन्हें उचित आहार मिले ताकि पैदा होने वाला बच्चा स्वस्थ रहे। उन्होने सी.डी.पी.ओ. को निर्देशित करते हुये कहा कि जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत कनेक्शन नहीं हैं, तत्काल जिन विद्यालयों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, उसी विद्यालय के विद्युत कनेक्शन से आंगनबाड़ी केन्द्र को भी जोड़ा जाये। उन्होने जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेशित करते हुये कहा कि जनपद में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की गुणवत्ता की जांच समय-समय पर तकनीकि समिति से करायी जाये, निर्माणाधीन कार्यों में मानकों, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी आर.सी.गुप्ता, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, डिप्टी कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुप्रिया गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर सै. सानिया सोनम एजाज, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पंचायती राज अधिकारी तुलसी राम, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



