
योग सर्वाेत्तम स्वास्थ्य लाभ पाने का सशक्त माध्यम, योग भारत वर्ष की सबसे प्राचीन पद्धति- अविनाश।
मैनपुरी 15 जून, 2023- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने लोहिया पार्क में नवम् अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के परिपे्रक्ष्य में 15 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर आयोजित योग शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि योग ऋषि-मुनियों द्वारा प्रदान की गयी एक बहुमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरे विश्व ने अपनाया है, नियमित रूप से योग करने वाला व्यक्ति कभी रोगी नहीं हो सकता। उन्होने कहा कि भारत वर्ष में प्रचीन योग पद्धति से आरोग्य, स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने की सबसे पुरानी विधा है, हमारा देश योग के क्षेत्र में पूरी दुनियां की सदियों से अगुवाई कर रहा है, हमारे देश के नेतृत्व के फलस्वरूप 08 वर्ष पूर्व दुनियां ने योग की ताकत को समझा और पूरे विश्व ने 21 जून को प्रतिवर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया, यह भारतवासियों के लिए गौरव की बात है। उन्होने कहा कि दुनियां के सभी राष्ट्रों के नागरिकों, शिक्षित व्यक्तियों ने माना है कि आरोग्य और उत्तम स्वास्थ्य पानेे का योग की पद्धति से सहज, सरल एवं सिद्ध कोई और मार्ग नहीं है, जो शरीर, स्वांस की विधि, क्रियाओं के माध्यम से हासिल करते हैं।
श्री सिंह ने कहा कि तमाम असाध्य रोगों को दूर करने की कला योग पद्धति के अंदर निहित है, हम भारतवासी जाने-अनजाने किसी न किसी रूप में बच्चों से लेकर बूढे तक योग से जुड़े रहते हैं लेकिन इसकी निर्धारित पद्धति है, जिससे हम सर्वोत्तम लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होने कहा कि यदि नियमित रूप से योग किया जाये तो योग करने मात्र से शारीरिक शक्तियां प्राप्त होती है, शारीरिक शक्तियांें के जागृत होने से किसी भी शारीरिक रोग का हमारे शरीर में कोई स्थान नहीं रहता, जो नियमित योगी है वह कभी रोगी नहीं हो सकता। उन्होने कहा कि यह सत्य है कि शरीर धारण करने वाले प्रत्येक मनुष्य, जीव को एक न एक दिन शरीर त्यागना पड़ता है, लेकिन योग करने वाला व्यक्ति कभी शरीर को रोग के रूप मे नहीं त्यागता, योग में वह शक्ति है कि योगी व्यक्ति अपना सम्पूर्ण कार्य करते हुये अपना शरीर त्यागता है जबकि रोगी व्यक्ति बिस्तर पर अपना शरीर त्यागता है। उन्होने कहा कि प्रजापति बृम्हा जी को हम सब जानते हैं, वह अपने जीवन के आखरी दिन 92 वर्ष की अवस्था में मुरली की कक्षा लेते हुये योग क्रिया की और उसके बाद अलविदा कहते हुये अपना शरीर त्याग दिया। उन्होने जनपदवासियों का आव्हान करते हुये कहा कि सभी लोग किसी न किसी रूप में योग से जुड़े ताकि रोग हमसे दूर रहे और निःरोगी रहकर अपना जीवन जियें।
जिलाधिकारी ने कहा कि योग सिर्फ अध्यात्म से जुड़ने का मार्ग नहीं बल्कि शरीर स्वस्थ एवं निरोग रखने की क्रिया है, आज भौतिकवाद से पीड़ित मानवता को विभिन्न असाध्य रोगों से बचाव के लिए योग को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। उन्होने कहा कि हमारे ऋषि, महाऋषि, मनीषियों द्वारा पुरातनकाल से गुफाओं में रहकर योग क्रिया किये जाने के प्रमाण है लेकिन आज इस क्रिया को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है। नियमित रूप से योग करने से मन-मस्तिष्क चुस्त-दुरुस्त रहता है तमाम प्रकार की बीमारियों में काफी लाभप्रद है, अनुलोम-विलोम, प्रणायाम जैसे श्वसन संबंधी क्रियायें भी काफी लाभप्रद है। स्वस्तिकासन, गोमुखासन, गोरक्षासन, योग मुद्रासन, शंखासन, सर्वांगासन आदि ऐसे आसान जो शरीर के हर हिस्से को स्ट्ेच करते है, इनमें समय भी कम लगता है।
योग शिविर में दागश्री ने योग की क्रियाओं पर प्रकाश डाला, बच्ची रेशू ने योगासन संगीत के माध्यम से प्रदर्शन किया, पश्चिमी उ.प्र. महिला पंतजंलि प्रभारी श्रीदेवी ने योग के इतिहास पर प्रकाश डाला, भारत स्वाभिमान संगठन मंत्री नीरज चैहान ने योग करने से पूर्व, योग करने के बाद बरतने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी सरिता सिंह, जिला होम्योपैथिक अधिकारी स्वेता जैन, योगाचार्य प्रभात योगी, शशि प्रभा, अजय चैहान, गीता मौर्य आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन डा. चन्द्रमोहन सक्सैना ने किया।



