मैनपुरी 26 फरवरी, 2023- प्र. जिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जनपद में संचालित 06 कान्हा गौ-आश्रय स्थल, 03 बृहद गौ-आश्रय स्थल एवं 24 अस्थाई आश्रय स्थल में निर्धारित क्षमता 3890 के सापेक्ष दि. 25 फरवरी तक 4081 निराश्रित गोवंश संरक्षित कराए जा चुके हैं, सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को निरंतर अभियान चलाकर पकड़वा कर गौशाला में संरक्षित किया जा रहा है ताकि किसानों को राहत मिले और उनकी फसलें सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि विभिन्न गौ-आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंश की बेहतर देखभाल की जा रही है, उन्हें समय से भूसा-चारा उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों द्वारा की जा रही है, संरक्षित गौवंश की देखभाल हेतु पशु चिकित्साधिकारी नियमित रूप से अपने अधीन गौशालाओं का भ्रमण कर उनके स्वास्थ्य की देख-रेख कर रहे हैं सभी गौ-आश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के लिए पीने की पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है। उन्होने बताया कि कान्हा गौ-आश्रय स्थल टी.पी. नगर में 500 की क्षमता के सापेक्ष 786, कान्हा गौ-आश्रय स्थल कुरावली में 50 क्षमता के सापेक्ष 63, कान्हा गौ-आश्रय स्थल कुसमरा में 100 के सापेक्ष 134, कान्हा गौ-आश्रय स्थल किशनी में 100 के सापेक्ष 135, कान्हा गौ-आश्रय स्थल करहल में 100 के सापेक्ष 111, कान्हा गौ-आश्रय स्थल घिरोर में 150 के सापेक्ष 253, वृहद गौ संरक्षण केन्द्र घिरोर में 400 के सापेक्ष 401, वृहद गौ संरक्षण केन्द्र अहिरवा सुल्तानगंज में 400 के सापेक्ष 410, वृहद गौ संरक्षण केन्द्र ग्राम इज्जतपुर खजुरारा के विकास खंड करहल में 400 के सापेक्ष 50 गौवंश संरक्षित किए जा चुके है।ं
श्री कुमार ने बताया कि अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड सुल्तानगंज के न.पं. भोगांव में 80 के सापेक्ष 78, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल बेवर में 80 के सापेक्ष 56, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल ज्योति खुड़िया कुरावली में 50 के सापेक्ष 70, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल गदाईपुर जागीर में 50 के सापेक्ष 34, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड जागीर के ग्राम हथपऊ में 50 के सापेक्ष 50, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल ब्लाॅक घिरोर के ग्राम फत्ते में 50 के सापेक्ष 41, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल ब्लाॅक सुल्तानगंज के बुर्रा चक सहारा में 50 के सापेक्ष 83, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास कुरावली के जखौआ में 100 के सापेक्ष 123, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड कुरावली के सोनई में 50 के सापेक्ष 87, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड करहल के ग्राम कुर्रा में 300 के सापेक्ष 329, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड बेवर के नगला देवी में 100 के सापेक्ष 85, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास बेवर के नगला जोत में 50 के सापेक्ष 100, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड किशनी के ग्राम बरिहा में 50 के सापेक्ष 42, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड किशनी के ग्राम जवापुर में 50 के सापेक्ष 51, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड किशनी के ग्राम समान में 50 के सापेक्ष 86, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड किशनी के ग्राम कुम्हौल में 50 के सापेक्ष 35, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड किशनी के नैगवां खिरिया में 50 के सापेक्ष 38, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल ग्राम विकास खंड मैनपुरी के कुआं खेड़ा में 80 के सापेक्ष 97, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड मैनपुरी के परौंख में 50 के सापेक्ष 16, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड किशनी के इलाबाॅस में 150 के सापेक्ष 53, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड कुरावली के ग्राम नानामऊ में 150 के सापेक्ष 155, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड मैनपुरी के जसरऊ में 150 के सापेक्ष 06, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड घिरोर के ग्राम उसनीधा में 150 के सापेक्ष 16, अस्थाई गौ-आश्रय स्थल विकास खंड सुल्तानगंज के आलीपुर खेड़ा में 150 के सापेक्ष 13 गौवंश संरक्षित किए जा चुके है।ं
उन्होंने बताया कि दि. 25 फरवरी को भी अभियान के चैथे दिन नगर, ग्रामीण क्षेत्र से उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों के निर्देशन में 168 निराश्रित गोवंश पकड़कर विभिन्न गौशालाओं में संरक्षित किए गए हैं।