
मैनपुरी(सूवि)पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में वीर चक्र विजेता सूवेदार विशेश्वर सिंह एवं कारगिल शहीद की वीर नारियों, माता-पिता को सम्मानित करते हुये कहा कि बिषम परिस्थितियों में पूरे जज्बे के साथ देश की सरहदों की रक्षा करने वाले सैनिकों के कारण ही देशवासी सुरक्षित जीवन यापन कर रहे है, सेना से सेवानिवृत्त होकर आने वाले सैनिकों का सभी को सम्मान करना चाहिए उनकी समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता पर सभी विभागों में समाधान हो, उन्हें मिलने वाली सुविधाएं समय से मिले। उन्होंने कहा कि वीर चक्र विजेता सूवेदार विशेश्वर सिंह ने बहादुरी का परिचय देते हुए जनपद का नाम प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश, विश्व में रोशन कर जनपद वासियों को गौरव गौरवान्वित करने का कार्य किया है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार भूतपूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों के सम्मान, हितों की रक्षा करने के लिए सैनिकों के परिवार के साथ खड़ी है, किसी भी सैनिक, भूतपूर्व सैनिक, उनके आश्रितों को कोई भी समस्या नहीं होगी, उनके हितों का संरक्षण होगा, सम्मान सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि आज हम जिस सुकून के साथ जीवन-यापन कर रहे हैं, खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह सिर्फ सेना के जवानों की देन है, जो दिन-रात कठिन परिश्रम कर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखे हुए हैं, हमारे देश के सैनिक सीमाओं की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में संकोच नहीं करते, हमेशा अपने प्राण न्योछावर करने के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध हथियारों से नहीं बल्कि बहादुरी से लड़ा जाता है और यह साहस, बहादुरी सिर्फ हमारे देश के सैनिकों में हैं, भारत-पाक युद्ध में अमेरिका के उन टैंकों, जिन्हें अजेय टैंक कहा जाता था, अजेय टैंकों को जिन्हें कोई सेना ध्वस्त नहीं कर सकती, उन्हें भारत की सेना के वीर जवान अब्दुल हमीद ने तोप गाड़ी से ध्वस्त कर भारत की सेना का बहादुरी का परचम लहराया।
इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक, सैनिकों के आश्रितों के अलावा जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक विजय पाल, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी नवीन कटियार आदि उपस्थित रहे।



