
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि गोल्डन कार्ड, परिवार नियोजन, महिला-पुरुष नसबंदी, नियमित टीकाकरण की प्रगति सुधारने हेतु स्वास्थ केंद्र पर कैंप आयोजित किये जाएं, हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले, वहां स्वास्थ्यकर्मी समय से उपस्थित हों, दवायें भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें, सभी पात्र व्यक्तियों के तत्काल गोल्डन कार्ड बनाये जाएं, इस कार्य में आशा, आंगनवाडी कार्यकत्री, ग्राम प्रधान, कोटेदारों, सचिवों का सहयोग लिया जाए, कोटेदार अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों को गोल्डन कार्ड बनवाने हेतु प्रेरित करें। उन्होने उपायुक्त मनरेगा, समस्त खंड विकास अधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि मनरेगा के कार्यों में कहीं भी अनियमितता न बरती जाए, मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं, खंड विकास अधिकारी सुनिश्चित करें कि जॉब कार्ड श्रमिक के पास ही उपलब्ध रहें, रोजगार सेवक, ए.पी.ओ., सचिव की कार्यशैली पर नजर रखी जाए, मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों को समय से भुगतान किया जाए, किसी भी श्रमिक का शोषण न हो सुनिश्चित किया जाए, मनरेगा के कार्यों में अगर कहीं भी गड़बड़ी मिली तो संबंधित खंड विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही होगी।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा की ऐसी ग्राम पंचायतें, जहां उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष 80 प्रतिशत से अधिक धनराशि एवं 20 प्रतिशत से कम धनराशि व्यय हुयी हैं, को चिन्हित कर सूची उपलब्ध कराई जाए, उपायुक्त मनरेगा सामग्री पर 40 प्रतिशत धनराशि व्यय करने वाली एवं 05 प्रतिशत धनराशि व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों की सूची उपलब्ध कराएं, मनरेगा के तहत संचालित कार्यों पर महिला मेट की तैनाती की जाए, विकास खंड बेवर, जागीर में महिला मेट तथा विकासखंड बरनाहल, घिरोर में महिला श्रमिकों की प्रगति मानक के अनुसार नहीं है, संबंधित खंड विकास अधिकारी इसे सुधारें। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी ग्रामीण पाइप पेयजल योजना संचालित रहें, कॉकन पाइप पेयजल योजना का कार्य पूंर्ण हो चुका है, इसे तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत को हैंडोवर कराया जाए, खरपरी पाइप पेयजल योजना अधिशासी अधिकारी नगर पालिका तत्काल हैंडोवर करें, नसीरपुर पाइप पेयजल योजना का अधिशासी अभियंता जल निगम मौके पर जाकर सत्यापन करें, उपभोक्ताओं से नियमानुसार यूजर चार्ज की वसूली की जाए, ग्राम प्रधान, कोटेदार, पूर्व ग्राम प्रधान मानदेय प्राप्त कार्मिकों यथा आंगनवाडी कार्यकत्री, आंगनवाड़ी सहायिका, आशा, रोजगार सेवक, अन्य जनप्रतिनिधियों से प्राथमिकता पर जलापूर्ति का यूजर चार्ज जमा कराया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने उपायुक्त एन.आर.एल.एम. को निर्देशित करते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 में गठित सभी स्वयं सहायता समूह क्रियाशील रहें, गठित समूह को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, रिवाल्विंग फंड उपलब्ध कराने में विलंब न हो, पूर्व में गठित स्वयं सहायता समूह भी क्रियाशील रहे। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने विकासखंड स्तर के अंतर्गत गठित समूह के संचालन पर खुद नजर रखें, गठित समूहों की नियमित बैठकंे हों। उन्होंने मुख्यमंत्री कंया सुमंगल योजना की समीक्षा के दौरान पाया की योजनांतर्गत 18607 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 6776 आवेदन पत्र अपात्र पाये गये, पात्र पाए गए 11831 आवेदन पत्र में से 8987 आवेदन पत्रों को अग्रसारित कर शासन को भेजा गया, जिसमें से 8875 लाभार्थियों को योजना का लाभ शासन स्तर से प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने अधिशाषी अभियंता सिंचाई को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई हेतु नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करें, नहर के अंतिम टेल तक पानी पहुंचे, सिल्ट-सफाई के कार्यों की अभी से तैयारी की जाये, लक्ष्य प्राप्त होते ही 01 माह के अंदर सिल्ट-सफाई का कार्य पूर्ण कराया जाए, सहायक अभियंता लघु सिंचाई चेक डेम, उथली बोरिंग का लक्ष्य प्राप्त होने के 01 माह के अंदर कार्य पूर्ण कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.पी. सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए के.के. सिंह, डी.सी.एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, डिप्टी कलेक्टर, जिला समाज कल्याण अधिकारी वीरेन्द्र कुमार मित्तल, उप निदेशक कृषि डी.वी. सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा, उपायुक्त उद्योग मो. सऊद, परियोजना अधिकारी डूडा आर.के. सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन असांरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, जल निगम, ट्यूबवेल, विद्युत, सिंचाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रशांत ने किया।



