मैनपुरी(सुवि)प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर, निर्धन परिवारों को सामाजिक, वित्तीय संबल प्रदान करने, कुरीतियों से मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद में भव्य एवं गरिमामयी समारोह में 308 नव दम्पत्ति वैवाहिक बंधन में बंधे, वैवाहिक समारोह में उ.प्र. सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने नव-विवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उन्हें वैवाहिक जीवन में प्रवेश हेतु अपनी तथा प्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक बधाई, मंगलमय आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होने नव-दंपत्तियों, उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना वर्तमान समय में सामाजिक समरसता, सर्व-धर्म सद-भाव और अनेकता में एकता की सबसे उत्कृष्ट मिसाल बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूर्व के समय में गरीब, असहाय परिवारों के सामने अपनी बेटियों के हाथ पीले करना एक अत्यंत कठिन चुनौती हुआ करता था, कई बार आर्थिक तंगी के कारण निर्धन माता-पिता को साहूकारों, सूदखोरों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था और वह जिंदगी भर कर्ज के इस कुचक्र में फंसे रह जाते थे परंतु संवेदनशील मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे सभी असहाय परिवारों के लिए एक सच्चे अभिभावक, सगे-संबंधी, हितैषी की भूमिका निभाते हुए उनकी बेटियों के विवाह का संपूर्ण दायित्व अपने कंधों पर लिया है।
पर्यटनी मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करना है, आज सरकार की पारदर्शी कार्यशैली के फलस्वरूप बिना किसी बिचौलिए के कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र लाभार्थियों के घर के दरवाजे तक दस्तक दे रहा है, इस योजना के तहत न केवल भव्य स्तर पर वैवाहिक रस्में पूरी कराई जाती हैं, नववधू के बैंक खाते में रू. 60 हजार की धनराशि भी सीधे अंतरित की जा रही है ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्म-निर्भरता और खुशहाली के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर सके इसके साथ ही नव-दंपत्तियों को उनकी नई गृहस्थी स्थापित करने के लिए आवश्यक दैनिक उपयोगी सामान, उपहार सामग्री भी भेंट की जा रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह योजना ने समाज में व्याप्त दहेज जैसी गंभीर बुराई पर करारा प्रहार किया है, यह आयोजन दहेज मुक्त समाज की स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसमें समाज के सभी वर्गों को बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होने कहा कि इस योजना में जाति, पंथ, धर्मवर्ग का कोई भेदभाव नहीं है, सरकार का एक ही संकल्प है कि हर गरीब का कल्याण हो और उसकी भलाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि आज आयोजित हुए इस विशाल समागम में कुल 308 जोड़ों का विवाह सकुशल संपन्न कराया गया इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें सामाजिक और धार्मिक सौहार्द की अनुपम छटा देखने को मिली। कुल जोड़ों में से 285 हिंदू जोड़ों का विवाह पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, सनातन रीति-रिवाजों के अनुसार मंडप में संपन्न कराया गया वहीं 23 अल्पसंख्यक जोड़ों का पारंपरिक मुस्लिम विधि-विधान के साथ निकाह पढ़ाया गया, एक ही परिसर में अलग-अलग धर्मों के जोड़ों का अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार विवाह संपन्न होना सरकार की सर्व-समावेशी नीति को प्रत्यक्ष रूप से चरितार्थ कर रहा था। उन्होने नव-विवाहित जोड़ों के उज्ज्वल भविष्य, सुख, समृद्धि, वैभव और दीर्घायु की कामना करते हुए उपस्थित अभिभावकों को भी इस मांगलिक अवसर की बधाई दी।
इस दौरान जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, नगर पालिका अध्यक्ष संगीता गुप्ता, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय, जिला महामंत्री उदय चौहान, उपाध्यक्ष पंकज भदौरिया के अलावा मुख्य विकास अधिकारी संतोष बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी सदर श्याम प्रताप, डिप्टी कलेक्टर विकल्प, क्षेत्राधिकारी करहल अजय पाल सिंह, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सऊद, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेई आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रविंद्र गौर ने किया।



