मैनपुरी(सुवि)जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं निर्वाचन अधिकारियों के साथ मतदेय स्थलों के पुनर्गठन तथा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना जिला प्रशासन, सभी राजनीतिक दलों का साझा दायित्व है जिसके लिए परस्पर समन्वय और मैदानी स्तर पर सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है, मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपने स्तर पर सघन ‘टेबल-टॉप एक्सरसाइज’ कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने कार्यालयों में पांच से सात समर्पित कार्यकर्ताओं को तैनात करें, जो प्रतिदिन 20 से 25 बूथों की नामावली का सूक्ष्मता से परीक्षण करें, कार्यकर्ता सूची में दर्ज नाम, आयु, लिंग, फोटो, संबंधियों के नाम और मकान नंबर की विसंगतियों की पड़ताल करें यदि किसी एक ही मकान नंबर में अलग-अलग जातियों या समुदायों के नाम दर्ज मिलें अथवा डुप्लीकेट प्रविष्टियां दिखाई दें तो उन्हें तत्काल संबंधित बीएलओ, निर्वाचन कार्यालय के संज्ञान में लाएं ताकि समय रहते सुधार कराया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में सॉफ्टवेयर के जरिए 145 डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर उनके विलोपन हेतु फॉर्म-7 भरवाए गए हैं तथा एक जैसी फोटो पहचान वाले मामलों की भी जांच जारी है।

बैठक के दौरान मतदेय स्थलों के पुनर्गठन और विभिन्न दलों द्वारा प्रस्तुत दावों व आपत्तियों की समीक्षा की गई, निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप 300 से कम मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया है जबकि 1200 से अधिक मतदाताओं वाले स्थलों पर अतिरिक्त मतदेय स्थल सृजित अथवा प्रस्तावित किए गए हैं, राजनैतिक दलों द्वारा बूथ परिवर्तन को लेकर जितने भी प्रस्ताव दिए गए थे उनका प्रशासनिक स्तर पर स्थलीय निरीक्षण कराया गया, जांच में जहां दूरी दो किलोमीटर के दायरे में पाई गई और मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध मिलीं, वहां अनावश्यक फेरबदल न करते हुए पूर्व स्थिति को ही बहाल रखा गया है, जहां मतदाताओं की दूरी और सुविधा के दृष्टिगत बदलाव अनिवार्य था वहां दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर ही आवश्यक संस्तुति की गई है।

जिलाधिकारी ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीएलओ और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को 50-50 के समूहों में संयुक्त प्रशिक्षण दिलाया जाए, कार्यशाला में फॉर्म-6, 7 और 8 भरने के संबंध में क्या करें और क्या न करें की लिखित मार्ग-दर्शिका उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भ्रम न रहे। नव-विवाहित महिलाओं के नाम जोड़ने के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 की प्रक्रिया को सरल किया गया है, नव-विवाहिताएं आधार कार्ड में नाम, पता संशोधित कराकर अथवा निवास के अन्य प्रमाण जैसे बिजली बिल, ड्राइविंग लाइसेंस आदि संलग्न कर आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकती हैं। उन्होने जनपद में लिंगानुपात और 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के कम पंजीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बीएलओ, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं से घर-घर दस्तक देकर शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों के फॉर्म-6 भरवाने की अपील की।

इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्यामलता आनंद, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, भोगांव, किशनी, कुरावली, घिरोर, श्याम प्रताप सिंह, तेजस कृष्णा प्रसाद, पीयूष कुमार जायसवाल, नवनीता राय, प्रदीप कुमार सिंह, सुनिष्ठा सिंह, तहसीलदार सदर, करहल, भोगांव, किशनी, प्रकाश चौधरी, अरविन्द गौतम, घासीराम, भरत मौर्य के अलावा सदस्य विधानसभा इं. बृजेश कठेरिया, भारतीय जनता पार्टी से पंकज भदौरिया, अमित गुप्ता, कल्पेन्द्र भारतीय, सपा से देवेन्द्र सिंह यादव, रामनारायन बाथम, बहुजन समाज पार्टी से दुर्गेश चन्द्रा, आम आदमी पार्टी से सन्तोष श्रीवास्तव, अपना दल एस. से गौरव पाल, निर्वाचन कार्यालय से अविनाश सक्सैना, अजय अम्बेश आदि उपस्थित रहे।

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