मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने पूर्वदशम कक्षा-09, 10 एवं दशमोत्तर कक्षा-11, 12 छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्राप्त लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान विद्यालय स्तर पर छात्रवृत्ति के बड़ी संख्या में आवेदनों के लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित प्रधानाचार्यों, नोडल अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रवृत्ति वितरण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसमें किसी भी स्तर पर की गई हीला-हवाली, शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि रविवार को सभी संबंधित विद्यालय अनिवार्य रूप से खोले जाएं, शाम तक प्रत्येक दशा में लंबित डाटा को अग्रसारित किया जाए, निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में छात्रवृत्ति के नोडल प्रभारी द्वारा प्रस्तुत विवरण के अनुसार निर्धारित अंतिम तिथि 22 तारीख बीत जाने के उपरांत भी जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के लॉगिन पोर्टल पर लगभग 5,000 छात्रवृत्ति आवेदन बिना अग्रसारित किए लंबित पड़े हुए हैं, श्रेणीवार समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत कक्षा 11, 12 में कुल प्राप्त 13,269 आवेदनों में से 1,851 आवेदन तथा कक्षा-09, 10 में 1,702 आवेदन विद्यालय स्तर पर लंबित हैं, इसी प्रकार अल्पसंख्यक वर्ग में कक्षा-11, 12 के 59 तथा कक्षा-09, 10 के 56 आवेदन, सामान्य वर्ग में कक्षा-11, 12 के 181 तथा कक्षा-09, 10 के 182 आवेदन, और अनुसूचित जाति वर्ग में कक्षा-11, 12 के 491 तथा कक्षा-09, 10 के 508 आवेदन विद्यालय लॉगिन पोर्टल पर लंबित हैं।

श्री त्रिपाठी ने उदासीन कार्यशैली पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि जब 22 तारीख तक आवेदन प्राप्त करने तथा बायोमीट्रिक सत्यापन या अन्य तकनीकी कमियों के कारण अपूर्ण रहे आवेदनों को 23 तारीख तक निरस्त करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी किए जा चुके थे, तब इतनी बड़ी संख्या में डाटा का पेंडिंग रहना अनुशासनहीनता का परिचायक है, समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जगदीश सिंह पाल कुंवर, महारानी अवंतीबाई लोधी, मां सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज, शहीद राम सुदर्शन, देवनगरी इंटर कॉलेज कुरावली टाउन, महाराज सिंह यादव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्वामी भक्तानंद, तथागत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चौधरी पोखन सिंह बालिका इंटर कॉलेज सहित कई संस्थानों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, कुछ विद्यालयों के प्रतिनिधि बैठकों में भी अनुपस्थित रहे हैं। उन्होने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि जो विद्यालय बैठकों से नदारद हैं अथवा प्रशासनिक निर्देशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं, उनकी सूची तैयार कर उनके विरुद्ध अविलंब दंडात्मक कदम उठाए जाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्ग-दर्शक होता है और उसका दायित्व केवल किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि व्यावहारिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान कर बच्चों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी है। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रबन्धक, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला आदि उपस्थित रहे।

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