मैनपुरी,(सुवि)जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने उ.प्र. विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन शिक्षक, स्नातक 2026 की मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराने हेतु शिव मंगल सिंह क्लब कलैक्ट्रेट से पार्टी रवानगी के दौरान मतदान कार्मिकों से संवाद करते हुये कहा कि पीठासीन, मतदान अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्वक संपन्न कराएं, मतदान केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में पीठासीन अधिकारी को निर्वाचन आयोग ने समस्त अधिकार प्रदत्त किए हैं उक्त सीमा में पीठासीन अधिकारी का आदेश सर्वमान्य होगा, सभी मतदान कार्मिक निर्भीक होकर मतादन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने में अपना योगदान दें, मतदान प्रक्रिया को सुचारू एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने में सबसे अहम भूमिका मतदान कार्मिको की होती है बाकी के अधिकारी कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए रहते है इसलिये आप सब निर्वाचन आयोग द्वारा सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कर अपने-अपने बूथ पर स्वतंत्र मतदान कराना सुनिश्चित करें।

श्री त्रिपाठी ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराने हेतु मतदान कार्मिक रवाना हो चुके हैं, मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र वातावरण में संपन्न कराने हेतु शांति व्यवस्था के दृष्टिगत फुलप्रूफ व्यवस्था की गई है, सभी मतदान केंद्रों पर भारी मात्रा में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होने कहा कि मतदान कार्मिकों, मतदाताओं की सुविधा के दृष्टिगत मतदान केन्द्रों पर समस्त मूल-भूत सुविधाएं यथा पीने हेतु स्वच्छ पानी, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं हेतु रैम्प की व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा के भी इतंजाम किये गये हैं, मतदान प्रक्रिया को निर्भीक वातावरण में संपन्न कराने हेतु जनपद को 06 जोन, 12 सेक्टर में विभाजित कर प्रत्येक जोन में एक-एक जोनल मजिस्ट्रेट एवं प्रत्येक सेक्टर में 01-01 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। उन्होने बताया कि विधान परिषद शिक्षक में जनपद के 2321 मतदाता एवं स्नातक निर्वाचन प्रक्रिया में 12425 मतदाता अपने मतदाधिकार का प्रयोग करेंगे, स्नातक मतदान हेतु 16 पोलिंग स्टेशन एवं 11 पोलिंग सेंटर, शिक्षक मतदान हेतु 09-09 पोलिंग स्टेशन, पोलिंग सेंटर बनाये गये हैं, मतदान प्रक्रिया की निगरानी हेतु 30 माइक्रो ऑब्जर्वर भी मजिस्ट्रेट तैनात किये गये हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उ.प्र. विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत मतदान में किसी भी प्रकार के प्रतिरूपण (फर्जी मतदान) को रोकने हेतु कड़े प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं, उन्हें मतदान से पूर्व अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा यदि कोई निर्वाचक अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है, तो आयोग द्वारा निर्धारित 10 वैकल्पिक दस्तावेजों यथा- आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य-केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गए सेवा पहचान-पत्र, सांसदों, विधायकों, पार्षदों को जारी किये गए सरकारी पहचान-पत्र, शैक्षिक संस्थाओं, जिसमें संबधिंत शिक्षक, स्नातक निर्वाचन-क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो, द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री, डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबधिं मूल प्रमाण-पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आई-डी कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी यू.डी.आई.डी. कार्ड में से किसी एक वैध दस्तावेज को दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है।

पार्टी रवानगी के दौरान पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी संतोष बहादुर सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर पुलिस अधीक्षक शहरी, ग्रामीण, अरूण कुमार, अभिषेक तिवारी, उप जिलाधिकरी सदर, भोगांव, किशनी, श्याम प्रताप सिंह, पीयूष कुमार जायसवाल, नवनीता राय, डिप्टी कलेक्टर विकल्प सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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