मैनपुरी(सुवि) जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विकास प्राथमिकताओं, जन-शिकायतों के त्वरित निस्तारण, शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की ज़ूम एप के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे, जन-समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए, आई.जी.आर.एस. पर प्राप्त सन्दर्भो को जिला, तहसील स्तरीय अधिकारी अंतिम दिन तक लंबित न रखें, अंतिम दिन तक प्रकरणों को लटकाने से वह डिफाल्टर श्रेणी में आ जाते हैं, जिससे जनपद की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए सभी विभागाध्यक्ष माह समाप्त होने से 02-03 दिन पूर्व ही अपने-अपने विभागों के सभी अवशेष प्रकरणों का वास्तविक, गुणवत्तापरक निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि संक्रामक रोगों, चिकनपॉक्स की स्थिति पर निरंतर सतर्कता बरती जाए, प्रभावित क्षेत्रों में टीम भेजकर आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
श्री त्रिपाठी ने थाना किशनी क्षेत्रांतर्गत आवारा गोवंश की टक्कर से एक साइकिल सवार नागरिक की हुई दर्दनाक मृत्यु पर नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी किशनी को निर्देशित किया कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारी की घोर लापरवाही के विरुद्ध तत्काल प्रभावी कार्यवाही करने को कहा इसके साथ ही उन्होंने बेवर, किशनी सहित समस्त खंड विकास अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों, चौराहों, बाजारों से शत-प्रतिशत छुट्टा गोवंशों को पकड़वाकर अविलंब गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में आवारा पशुओं के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने घिरोर विकास खंड के अंतर्गत ग्राम कंजाहार में कृषि भूमि में जल-भराव, फसलों के डूबने की समस्या का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी घिरोर को निर्देश दिए कि मौके पर बड़े पंप लगवाकर तत्काल प्रभाव से जल-निकासी कराई जाए, पानी की निकासी हेतु 200-300 मीटर पक्की नाली, नाले का निर्माण करवाकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में किसानों की फसलों को जल-भराव से बचाया जा सके। उन्होंने तहसील सदर क्षेत्र में नज़ूल भूमि के गाटों का विवरण शासन के निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उप जिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर को 02 दिन में राजस्व अभिलेखों, नगर पालिका के रिकॉर्ड का मिलान कर नज़ूल भूमि का संपूर्ण ब्योरा उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये।
उन्होने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारी नगर निकायों से कहा कि 26 तारीख को प्रस्तावित सामूहिक विवाह समारोह हेतु प्राप्त सभी आवेदनों का स्थलीय सत्यापन शुक्रवार तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए, इस योजना की अंतिम समीक्षा शनिवार की शाम को आयोजित होने वाली वर्चुअल बैठक में की जाएगी। परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना, फर्नीचर आपूर्ति कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खण्ड शिक्षाधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि वह ग्राम सचिवों, वेंडर्स के साथ तत्काल बैठक कर अवशेष कार्यों का गैप एनालिसिस करें, अधूरे कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कराएं।



