मैनपुरी(सुवि)मुख्य विकास अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने रु. 2461.61 लाख की लागत से निर्माणाधीन बहुद्देशीय हॉल, प्रेक्षागृह, सांस्कृतिक केंद्र एवं रू. 38 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सांस्कृतिक केन्द्र एवं संग्रहालय के कार्य का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए सी.एन.डी.एस. उ.प्र. जल निगम फर्रूखाबाद के परियोजना प्रबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता, मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, प्रयोग में लायी जाने वाली ईंटों, सीमेंट, बालू-सरिया में मानकों का पूरा ध्यान रखा जाये, लेबर बढ़ाकर कार्य को तत्काल पूर्ण कराया जाये। उन्होने प्रेक्षागृह, बहुद्देशीय हॉल के निरीक्षण के दौरान पाया कि स्वीकृत लागत् 2461.61 लाख के सापेक्ष कार्यदायी संस्था को रू. 2100 लाख अवमुक्त किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक रू. 1697.23 लाख की धनराशि व्यय हो चुकी है, प्रस्तावित कार्य मुख्य भवन, ऑडिटोरियम एवं बहुद्देशीय हॉल का निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत 800 क्षमता का ऑडिटोरियम, साउण्ड सिस्टम, स्टेज लइटिंग, कर्टेन, स्टेप लाइटिंग, कार्पेट फ्लोरिंग, स्टेज पर बुडिंग फ्लोरिंग, जलापूर्ति, विद्युतीकरण एवं बहुद्देशीय हॉल सम्मिलित है, मौके पर उपस्थित कार्यदायी संस्था के एस.आर.आई. ने बताया कि फाउण्डेशन, प्लिन्थ बीम का कार्य प्रगति पर है, बहुद्देशीय हॉल के सुपर स्ट्रेक्चर का कार्य भी प्रगति पर है, कार्यदायी संस्था के अभियंता ने बताया कि उक्त कार्य 15 मार्च 2024 को प्रारंभ हुआ है और यह कार्य 30 सितम्बर 2026 को पूर्ण करने की तिथि निर्धारित की गयी है, मुख्य भवन के अन्तर्गत ओपनियर थ्रेटर, कैफेटेरिया, हॉल का कार्य प्रस्तावित है, मुख्य भवन में एयर कंडीश्नर लिफ्ट, साउण्ड सिस्टम, फर्नीचर, डॉर मेट्री भवन, जी प्लस 2, ब्हाय स्थल विकास के अन्तर्गत वेदवन, सेंड स्टोन, पाथवे, पार्किंग, हार्टी कल्चर, यूजी टैंक, ट्यूबेल, बाउण्ड्रीवॉल का कार्य प्रस्तावित है।
मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि सांस्कृतिक केन्द्र एवं संग्रहालय निर्माण हेतु स्वीकृत लागत रू. 3800.11 लाख के सापेक्ष अब तक रू. 3400 लाख अवमुक्त हो चुका है, जिसके सापेक्ष रू. 2447.11 लाख की धनराशि व्यय हो चुकी है। उन्होने मौके पर उपस्थित कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं को निर्देशित करते हुये कहा कि स्वीकृत प्राकलन के अनुसार निर्माण कार्य मानक के अनुरूप सुनिश्चित कराते हुये निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करायें, निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कोई शिथिलता न बरती जाये, निर्माण कार्य की तकनीकि जॉच अवश्य करायी जाये। उन्होने निर्देशित किया कि पत्थर लगाने, फॉल सीलिंग लगाने तथा अन्य कार्य करने वाले राज मिस्त्रियों, श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए, निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के अनुरूप कराया जाए, निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो, सुनिश्चित किया जाये।
निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. शोभनाथ चौरसिया, कार्यदायी संस्था के अभियंता रंजन चौरसिया आदि उपस्थित रहे।



