मैनपुरी(सुवि) जनगणना-2027 के द्वितीय चरण जनसंख्या गणना को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द ने चार्ज अधिकारियों को जनसंख्या गणना की पूरी प्रक्रिया, कार्मिकों की तैनाती, गणना ब्लॉकों के गठन, डिजिटल माध्यम से गणना तथा शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि द्वितीय चरण में जिले में निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। प्रत्येक व्यक्ति से नाम, संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता, सामाजिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, प्रवास, दिव्यांगता सहित निर्धारित 40 प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। उन्होने बताया कि जनसंख्या गणना से पहले दि. 16 से 30 नवम्बर 2026 तक स्व-गणना की व्यवस्था रहेगी जबकि प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर 01 दिसम्बर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक गणना की जाएगी, उ.प्र. के लिए 05 जनवरी 2027 सन्दर्भित तिथि निर्धारित की गई है, इसके बाद 05 से 09 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर आयोजित किया जाएगा, प्रशिक्षण में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (भ्स्ठ) से गणना ब्लॉक (म्ठ) एवं सब-ईबी के गठन की प्रक्रिया समझाई गई, अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गणना क्षेत्र में किसी भी प्रकार की चूक अथवा दोहराव न हो, भौगोलिक एवं प्राकृतिक सीमाओं को ध्यान में रखते हुए गणना ब्लॉकों का निर्धारण किया जाए तथा आवश्यकतानुसार जनगणना पोर्टल पर सब-ईबी का गठन, परिवारों का आवंटन और जियो-टैगिंग की कार्यवाही पूरी की जाए।
प्रशिक्षण में कार्मिक प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया, शिक्षा, राजस्व, पंचायती राज, ग्रामीण विकास सहित सम्बन्धित विभागों से आवश्यक कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की सूची समय से तैयार करने तथा प्रशिक्षित कार्मिकों को जनगणना कार्य से कार्यमुक्त न करने के संबंध में जानकारी दी गई, आवश्यकता के अनुसार 10 प्रतिशत अतिरिक्त कार्मिकों को रिजर्व स्टॉफ के रूप में नियुक्त एवं प्रशिक्षित करने का प्राविधान भी बताया गया, अधिकारियों को बताया गया कि एक प्रगणक को सामान्यतः 800 से 850 तक की आबादी का अधिकतम कार्यभार दिया जाए, नियमित कार्मिकों की उपलब्धता को प्राथमिकता देते हुए ही आवश्यकता पड़ने पर संविदा कार्मिकों को लगाया जाए, प्रशिक्षण के बाद कार्मिकों की तत्काल तैनाती सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया ताकि प्रशिक्षण और फील्ड कार्य के बीच अनावश्यक अंतर न रहे, प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर, प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रशिक्षण की समय-सारिणी, प्रशिक्षण स्थलों की व्यवस्था, भोजन एवं पेयजल, प्रशिक्षण में व्यवधान न होने देने तथा प्रशिक्षार्थियों को आवश्यक निर्देश पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने संबंधी बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई। उन्होने चार्ज अधिकारियों को अपने स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, प्रशिक्षण में सामान्य, संस्थागत एवं बेघर परिवारों की शत-प्रतिशत कवरेज पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्लम, घनी आबादी, बिखरे मकान, किरायेदारों के साथ जेल, वृद्धाश्रम, हॉस्टल एवं पंजीकृत पीजी जैसे क्षेत्रों को भी गणना में शामिल किया जाना है, जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को गणना में शामिल करते हुए “न कोई चूक, न कोई दोहराव” के सिद्धांत के साथ पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करना है, प्रशिक्षण के माध्यम से चार्ज अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों, तकनीकी प्रक्रिया एवं फील्ड स्तर पर अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया ताकि जनसंख्या गणना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, कुरावली, श्याम प्रताप सिंह, पीयूष कुमार जायसवाल, तेजस कृष्णा प्रसाद, नवनीता राय, सुनिष्ठा सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश बघेल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, समस्त तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय, एन.आई.सी. से धीरज कुमार आदि उपस्थित रहे।



