कुं. आर. सी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी विभाग के तत्वावधान में विचार गोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति अनुराग, साहित्यिक अभिरुचि तथा हिंदी के महत्त्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।

कार्यक्रम में छात्राओं के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं समकालीन संदर्भों से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली यादव ने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना और विविधता को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदी को सम्मान देने का अर्थ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और भाषायी विरासत को सम्मान देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा अध्ययन के साथ-साथ इसे आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र से जोड़ने का आह्वान किया।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कुसुम यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि हिंदी की समृद्धि उसकी व्यापक स्वीकार्यता और निरंतर विकास में निहित है। आज हिंदी साहित्य के साथ-साथ शिक्षा, मीडिया, तकनीक और डिजिटल माध्यमों में भी हिंदी की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने छात्राओं को हिंदी के अध्ययन और लेखन के प्रति गंभीर होने तथा अपनी भाषा के प्रति गौरव-बोध विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सहायक प्राध्यापिका जया सिंह ने कहा कि हिंदी हमारी अभिव्यक्ति, अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना की भाषा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी हिंदी को केवल विषय के रूप में न देखकर अपने विचारों, रचनात्मकता और ज्ञान-विस्तार का माध्यम बनाए। उन्होंने छात्राओं से हिंदी के साथ-साथ अन्य भाषाओं और आधुनिक तकनीक का ज्ञान अर्जित करते हुए हिंदी को नए आयाम प्रदान करने का आह्वान किया।
विचार गोष्ठी के दौरान हिंदी की वर्तमान स्थिति, उसकी उपयोगिता, साहित्यिक समृद्धि तथा बदलते डिजिटल परिवेश में हिंदी की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का समापन हिंदी के प्रति सम्मान, प्रेम और उसके व्यापक प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।



