
मैनपुरी(सूवि)राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के लिए कृत संकल्पिक है, किसी भी महिला का उत्पीड़न, शोषण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं होगा, पीड़ित महिलाओ की सुनवाई न करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि पीडित महिलाओं की समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें न्याय दिलाने के उददेश्य से महिला जन सुनवाई, समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिसमंे महिला आयेाग की सदस्यों द्वारा पीड़ित महिलाओं की शिकायतो को सुनकर उन पर त्वरित, प्रभावी कार्यवाही कर शोषित महिलाओ को मौके पर राहत प्रदान कराई जा रही है, कई मामलो में दोनो पक्षो को बुलाकर आपसी सुलह समझौता कराने हेतु अगले सुनवाई दिवस पर उपस्थित होने को कहा गया है ताकि दोनो पक्षों की सहमति के आधार पर उनका समझौता कराया जा सके। उन्होने कहा कि पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थिति में बच्चों का भविष्य अधंकारमय हो जाता है। उन्होंने ट्रान्जिस्ट हॉस्टल में महिला जन-सुनवाई के दौरान कहा कि महिला उत्पीड़न से संबंधित जो किसी भी न्यायालय में चल रहे है, ऐसे वादों का राज्य महिला आयोग संज्ञान नहीं लेता। उन्होने कहा है कि पीड़ित महिलायें कोर्ट में जाने से पूर्व अपनी शिकायत राज्य महिला आयेाग के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि उनकी समस्याओं को सक्षम अधिकारीगणों के माध्यम से समयबद्ध ढंग से निस्तारण कराया जा सके।
आज आयोजित महिला जन सुनवाई के दौरान सुल्तानपुर निवासिनी बिट्टी ने विपक्षीगणों के चबूतरे पर बकरी के चले जाने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी दिये जाने, जनपद फिरोजाबाद बड़ेसरा निवासिनी साधना ने ससुरालीजनों द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग, मारपीट कर घर से निकाले जाने, ठलौआपुर निवासिनी संगीता ने अतिरिक्त दहेज की मांग, प्रताड़ित करने की शिकायत अपने-अपने प्रार्थना पत्रो के माध्यम से की। जिस पर उन्होंने उक्त प्रकरणों को सम्बन्धित अधिकारियों को पृष्ठाकिंत कर तथा दूरभाष पर निर्देशित करने के उपरांत आयोग को अवगत कराये जाने के निर्देश दियें।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह, मंजूषा चौहान, महिला थाना प्रभारी कविता सेंगर, महिला हेल्पलाईन से मधु यादव आदि उपस्थित रहे।



