मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने दि. 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी, जनोपयोगी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को त्वरित, सरल न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है, अधिकारी निस्तारण योग्य मामलों को पहले से चिन्हित कर, अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण सुनिश्चित कराएं, लोक अदालत के दिन सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें, संबंधित पक्षकारों को समय से सूचना दी जाए ताकि वह निर्धारित तिथि, समय पर उपस्थित होकर अपने मामलों का समाधान करा सकें, ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाए, जिनका दोनों पक्षों की सहमति से तत्काल निस्तारण संभव हो।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, उन्हें मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी, मार्ग-दर्शन मौके पर ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में आने वाले व्यक्तियों को केवल लोक अदालत की ही जानकारी न दी जाए बल्कि विभिन्न विभागों की जन-कल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया जाए, पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाये, स्टॉल लगाकर विभिन्न पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कृषि, उद्यान, विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, ओ.डी.ओ.पी., ओ.डी.ओ.सी. आदि संबंधित जन-कल्याणकारी योजनाओं सहित अन्य सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं, परामर्श एवं पर्यवेक्षण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्टॉल की सामग्री सरल, स्पष्ट हो ताकि आमजन कम समय में योजना को समझ सकें, पात्रता होने पर लाभ लेने की प्रक्रिया जान सकें, प्रत्येक स्टॉल पर संबंधित विभाग का कर्मचारी मौजूद रहे, स्टॉल पर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देकर आवश्यक मार्ग-दर्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कृषि, उद्यान अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को खेती के साथ नई फसलों, उद्यानिकी और आय बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि लोक अदालत को केवल औपचारिक आयोजन न बनाएं बल्कि आपसी समन्वय स्थापित कर आमजन को राहत पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनाएं, प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर से यह सुनिश्चित करे कि निस्तारण योग्य अधिक से अधिक मामले लोक अदालत में आएं और पक्षकारों की सहमति से उनका समाधान हो, लोक अदालत के दिन आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सहज वातावरण मिले और उसकी समस्या का समाधान कराने में अधिकारी सहयोगी भूमिका निभाएं, लोक अदालत के बाद निस्तारित मामलों की सूचना एवं निर्धारित रिपोर्ट भी समय से उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त उद्योग डॉ. बनवारी लाल, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सूर्य प्रताप सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे

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