मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों को निर्देशित करते हुए कहा कि आर.बी.एस.के. टीम नियमित रूप से विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रो का भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करें, परीक्षण के दौरान बच्चों में जो भी कमियां मिलें उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करायी जाए, गर्भवती, धात्री महिलाओं, किशोरियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच हों, गर्भवती महिलाओं को ऑयरन, कैल्शियम की टेबलेट उपलब्ध करायी जाए, उन्हे भरपूर पोषक आहार खाने के लिए प्रेरित किया जाए, आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, नियमित टीकाकरण में कोई लक्षण बच्चा टीकाकरण से शेष न रहे, सभी लक्षित बच्चों को सभी टीके लगाकर जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित किया जाए, प्रसूताओं को डिस्चार्ज होने पर ड्रॉपबैक की सुविधा मुहैया करायी जाये, डिस्चार्ज होने पर ही उन्हें जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिले, सुनिश्चित किया जाये, संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की नियमित जांच हो, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से नियमों, मानकों का पालन कराया जाए, एंबुलेंस-102, 108 निर्धारित रिस्पांस टाइम में मरीज तक पहुंचे, चिन्हित सैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उनकी सेहत में सुधार लाया जाए।

श्री त्रिपाठी ने संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान पाया कि वार्षिक लक्ष्य 51024 के सापेक्ष अप्रैल से अगस्त 26 तक जनपद की सरकारी स्वास्थ्य इकाईयों में कुल 7598 संस्थागत प्रसव हुये हैं, जो गत् अपै्रल से अगस्त की तुलना में 390 अधिक है लेकिन स्वास्थ्य केन्द्र बरनाहल में 120, किशनी में 45 एवं करहल में 33 संस्थागत प्रसव कम हुये हैं, जिस पर उन्होने सम्बन्धित प्र. चिकित्साधिकारियों से नियमित मॉनीटरिंग करने एवं लक्ष्य के सापेक्ष संस्थागत प्रसव की प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिये। जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 7422 प्रसूताओं को योजना में लाभान्वित कराया जा चुका है, जनपद में इस योजना में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। उन्होने परिवार नियोजन की समीक्षा के दौरान पाया कि महिला नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 1272 के सापेक्ष अब तक मात्र 23 एवं पुरूष नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 21 के सापेक्ष अभी तक किसी भी पुरूष की नसबंदी नहीं की गयी है, जिस पर उन्होने निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रवार तिथियां निर्धारित कर नसबंदी के कैंप आयोजित किये जायें। उन्होने कहा कि पहली बार जांच, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवा लेने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला का नाम तत्काल दर्ज किया जाए, ड्यू डेट के आधार पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी समेत सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी हो, डिलीवरी संस्थागत, निजी चिकित्सालय, अन्य स्थान पर हुयी इसका नामवार रिकॉर्ड रखा जाए।

जिलाधिकारी ने बैठक से पूर्व 30 क्षय रोगियों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोगी संस्था लाइफ चेजिंग ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में पोषण पोटली उपलब्ध कराते हुए कहा कि जनपद में चिन्हित क्षय रोगियांे की बेहतर देखभाल की जाए, उन्हें योजना में मिलने वाली धनराशि समय से उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा योजना आदि की बिंदुवार गहन समीक्षा की। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राज सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, एस.एम.ओ. डॉ. वी.पी. सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हिलाल अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम. संजीव पांडेय, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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