मैनपुरी(सुवि) शिक्षक दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विकास खंड किशनी के ग्राम कटरा समान स्थित पूर्व कन्या माध्यमिक विद्यालय पहुंच छात्र-छात्राओं से संवाद किया, उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उपहार स्वरूप कॉपी, पेंसिल उपलब्ध कराकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होने कहा कि शिक्षकों के कंधों पर देश के भविष्य बच्चों को संस्कारवान, शिक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने का महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व है, शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान देने का कार्य नहीं करते बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, चरित्र, विचार और व्यवहार को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, शिक्षकों की मेहनत, लगन, बौद्धिक क्षमता का परिणाम है कि आज समाज जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि जीवन में जो व्यक्ति हमें सही दिशा दिखाता है, वह गुरु के समान है, उन्होंने संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे ’’बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताए” का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु हमें जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं यदि शिक्षक विद्यार्थी को उसकी गलती पर डांटते हैं तो उसे बुरा नहीं मानना चाहिए बल्कि उस डांट को सुधार और प्रेम के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों का पहला गुरु उसके माता-पिता होते हैं, मॉ बच्चे को जीवन की प्रारंभिक सीख देती है जबकि शिक्षक उसके ज्ञान और व्यक्तित्व को विकसित कर उसे समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बनाने का कार्य करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके बताए अच्छे मार्ग पर चलने का आह्वान किया, विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी कक्षाओं, पढ़ाई के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए पूछा कि कितने विद्यार्थी घर जाकर अपना गृहकार्य करते हैं और कितने विद्यार्थी गृहकार्य नहीं करते, उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने, होमवर्क पूरा करने तथा घर पर स्वाध्याय की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा तभी प्रभावी होगी जब विद्यार्थी स्वयं भी नियमित अध्ययन करेंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं बल्कि जीवन में जहां से भी कोई अच्छी सीख मिले, उसे ग्रहण करना चाहिए, परिवार के बड़े-बुजुर्ग, शिक्षक और समाज के सामान्य व्यक्ति भी हमें जीवन की महत्वपूर्ण बातें सिखाते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के अच्छे विचार और अनुभव से सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण कर विद्यालय की बाउंड्री-वॉल, रसोईघर तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने ग्राम-प्रधान को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालय की बाउंड्री-वॉल, रसोईघर का कार्य प्राथमिकता पर कराना सुनिश्चित करें, अगले 02 दिन में छात्रों हेतु शुद्ध पानी की उपलब्धता के लिए आर.ओ. स्थापित करायें, परिसर में जहां भी जल-भराव की स्थिति है, वहां के फर्श को भी तत्काल ठीक करना सुनिश्चित करें। जानकारी करने पर प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में 178 बच्चे पंजीकृत है, जिसके सापेक्ष आज 92 बच्चे उपस्थित हुए, कक्षा-06 में 75, कक्षा-07 में 60, कक्षा-08 में 43 छात्र पंजीकृत है, जिस पर उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से कहा कि पंजीकरण सभी छात्र प्रतिदिन विद्यालय आएं, जो बच्चे नियमित रूप से विद्यालय से अनुपस्थित रहते है, उनके अभिभावकों से संवाद कर बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें, अध्यापक मन लगाकर बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करे।
इस दौरान खंड शिक्षाधिकारी रवि प्रकाश, शिक्षक अवधेश कुमार, अशोक कुमार, राधिका दुबे, बृजेश कुमार, अनुदेशक हरिकिशन, सलोनी कश्यप के अलावा ग्राम-प्रधान समान उपस्थित रहे।



