मैनपुरी(सुवि) भूमि विवादों एवं राजस्व संबंधी शिकायतों के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की नई पहल के तहत आज जनपद की तहसीलों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार विशेष जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए, प्रत्येक मंगलवार को अपराह्न 02 बजे से सायं 06 बजे तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में भूमि विवादों, बार-बार प्राप्त शिकायतों, पैमाइश, अवैध कब्जों, ग्रामसभा की भूमि, जल-भराव तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों की सुनवाई कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी, आज आयोजित जनता-दर्शन कार्यक्रमों में एक से अधिक बार प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए शिकायतकर्ता एवं विपक्षी-पक्ष को आमने-सामने उपस्थित कर उनकी बात सुनी गई, राजस्व अभिलेखों एवं मौके की स्थिति का परीक्षण करते हुए जहां तक संभव हुआ, वहां दोनों पक्षों की सहमति से आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवादों का निस्तारण कराया गया, जिन मामलों में मौके पर जांच, पैमाइश की आवश्यकता थी, उनमें स्थलीय कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि ’’मिशन समाधान’’ के अंतर्गत भूमि विवादों से संबंधित शिकायतों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है यदि किसी प्रकरण में किसी पक्ष द्वारा जान-बूझकर समाधान की प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो उसके विरुद्ध धारा-151 के तहत कम से कम रू. 01 लाख के मुचलके में पाबंद किया जाए।
श्री त्रिपाठी ने निर्देशित करते हुए कहा कि जिन प्रकरणों में पैमाइश के उपरांत मेड़ लगा दी गई है और किसी व्यक्ति द्वारा पुनः मेड़ उखाड़कर कब्जा किया गया है तो ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर कार्यवाही की जाए, पैमाइश अथवा मौके पर राजस्व कार्यवाही के दौरान यदि किसी व्यक्ति द्वारा अवरोध उत्पन्न किया जाये तो उसके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही करते हुए उसे भारी मुचलके में कम से कम डेढ़ वर्ष के लिए पाबंद किया जाए, पाबंद व्यक्तियों को नियमानुसार साप्ताहिक रूप से न्यायालय में हाजिरी देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्राम-सभा की भूमि पर अनाधिकृत कब्जे को लेकर भी कड़े निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम-सभा की भूमि पर कहीं भी अनाधिकृत कब्जा न रहे, अवैध कब्जेदारों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध धारा-67 के अंतर्गत कार्यवाही कर ग्राम-सभा की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए, कब्जामुक्त भूमि को नियमानुसार खेल के मैदान, शासकीय कार्यालय, चारागाह आदि सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज, सुरक्षित कराया जाए। उन्होने जल-भराव की समस्या को लेकर कहा कि जल-भराव वाले स्थानों पर जल निकासी के उचित एवं स्थायी प्रबंध किए जाएं, जिससे किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो, नालियों एवं जल-निकासी के मार्गों को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए, कहीं भी नाली, चकरोड पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न रहे, पट्टेदारों एवं आवंटित भूमि का पूरा रिकॉर्ड अद्यावधिक रखा जाए, आवंटित भूमि के पूरे रकवे पर पट्टेदार काबिज रहे, सुनिश्चित किया जाये।
ग्राम नरायनपुर नि. महेन्द्र प्रताप सिंह ने नाला निर्माण तथा रास्ते पर किये गये अतिक्रमण को हटवाये जाने, नगला मंगली नि. कन्हीलाल ने गाटा संख्या- 325 की मेड़बंदी कराये जाने, ग्राम शहजादेपुर नि. जगदीश ने गाटा संख्या- 267 पर विपक्षीगणों द्वारा जबरन मेड़ डालने, जमैयतगंज नि. अमित कुमार ने गाटा संख्या- 104 की मेड़बन्दी हेतु पक्की पैमाइश कराने, ग्राम वनकिया नि. सीमा देवी ने बैनामाशुदा आराजी पर विपक्षीगणों द्वारा किये गये अनाधिकृत कब्जे को हटवाने, ग्राम नैनपुर नि. देवेन्द्र सिंह ने विपक्षियों द्वारा घरेलू व छत का पानी रोके जाने की शिकायत अपने शिकायती प्रार्थना पत्रों के माध्यम से की, अधिकांश शिकायतों को मौके पर ही आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया।
इस दौरान उप जिलाधिकारी भोगांव पीयूष कुमार जायसवाल, तहसीलदार घासीराम, खंड विकास अधिकारी सुल्तानगंज, बेवर, जागीर उमेश कौशल, ऋषि पाल सिंह, निरंजन त्रिवेदी, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, अनुज कुमार, सौम्य वर्धन, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल आदि उपस्थित रहे।


