मैनपुरी(,सुवि) जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला पर्यावरण समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, वेटलैंड संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ई-वेस्ट मैनेजमेंट, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी तथा संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में गठित गंगा समितियों की स्थिति स्पष्ट कराई जाए, ग्राम पंचायतवार जानकारी प्राप्त की जाए कि किन-किन ग्राम पंचायतों में समितियां गठित हैं। उन्होंने कहा कि ईशन, काली, अरिंद नदी के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर उनमें गंगा समितियों के गठन की स्थिति देखी जाए, जहां समितियां गठित नहीं हैं, वहां तत्काल गठन कराया जाए, जिन ग्रामों में पूर्व में समितियां गठित की जा चुकी हैं, वहां प्रतिमाह बैठक आयोजित कराकर कार्यवृत्त वन विभाग को उपलब्ध कराया जाये साथ ही सम्बन्धित वेटलैंड क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर वेटलैंड समितियों का गठन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
श्री त्रिपाठी ने समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अभी विभिन्न विभागों द्वारा रोपित पौधों के सापेक्ष जियो टेगिंग की प्रगति संतोषजनक नहीं है, पशुपालन विभाग द्वारा रोपित पौधों के सापेक्ष मात्र 13.57 प्रतिशत, राजस्व विभाग द्वारा 17.85 प्रतिशत, पंचायती राज विभाग द्वारा 23.08 प्रतिशत, सहकारिता विभाग द्वारा 35.29 प्रतिशत, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा 41.81 प्रतिशत, नगर विकास विभाग द्वारा 42.56 प्रतिशत, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा रोपित पौधों के सापेक्ष मात्र 57.27 प्रतिशत, गृह विभाग द्वारा 69.93 प्रतिशत, माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 71.27 प्रतिशत, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 72.32 प्रतिशत एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा 78.69 प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग की गई, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एक सप्ताह में रोपित किए गए शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग कर रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराना सनुश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय को निर्देशित करते हुये कहा कि एम.आर.एफ. सेंटर क्रियाशील रहें, सॉलिड वेस्ट के निस्तारण के साथ मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के उचित प्रबन्ध किये जायें, शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कूड़ा उठान, निस्तारण के बेहतर प्रबन्ध किये जायें, नदी, तालाब, नालों एवं अन्य जलस्रोतों के किनारे कूड़ा फेंके जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी दशा में कूड़ा खुले में अथवा जलस्रोतों के किनारे न डाला जाए और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ठोस अपशिष्ट का संग्रहण एवं निस्तारण कराया जाए, अधिशाषी अधिकारी कुरावली, ज्योति खुड़िया ने बताया कि एम.आर.एफ. सेंटर संचालन हेतु विद्युत संयोजन का स्टीमेट उपलब्ध कराने हेतु अधिशाषी अभियंता विद्युत से पत्राचार किया जा चुका है लेकिन स्टीमेट उपलब्ध न कराने के फलस्वरूप एफआरएफ सेंटर के संचालन में असुविधा हो रही है, जिस पर उन्होने अधिशाषी अभियंता विद्युत को तत्काल स्टीमेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, उप जिलाधिकारी कुरावली प्रदीप कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सिदार्थ यादव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई, जल निगम, लोक निर्माण, विद्युत, क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



