मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ’’मिशन समाधान’’ के तहत नगर पंचायत घिरोर में सार्वजनिक तालाब गाटा संख्या-1301, रकबा 04 बीघा एवं उससे संबंधित प्रकरण, तहसील कुरावली के मौजा नगरिया में गाटा संख्या-276 एवं 277 से संबंधित भूमि विवाद का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पंचायत घिरोर के गाटा संख्या-1301, रकबा 04 बीघा, जो सार्वजनिक तालाब की भूमि का जायजा लेते हुए उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत को तालाब की भूमि को नियमानुसार खाली, अतिक्रमणमुक्त एवं सुरक्षित रखने के निर्देश देते हुए कहा कि तालाब की भूमि की वास्तविक सीमा की पैमाइश कराकर सीमांकन कराया जाये, सीमांकन के पश्चात अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत तालाब की सीमा पर पिलर, सूचना बोर्ड स्थापित कराये ताकि तालाब की भूमि की सीमा स्पष्ट रहे और भविष्य में किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो। उन्होंने तालाब के आस-पास कूड़े की डंपिंग पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशाषी अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि तालाब से कूड़ा तत्काल हटवाया जाए, भविष्य में तालाब अथवा उसके आस-पास कूडे की डंपिंग न हो, सुनिश्चित किया जाए, कूड़े हेतु निर्धारित डंपिंग स्थल का ही उपयोग किया जाए, 01 सप्ताह के अंदर कूडा हटाकर व्यवस्था दुरुस्त की जाये।

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श्री त्रिपाठी ने कहा कि तालाब सार्वजनिक संपत्ति हैं, तालाबों के संरक्षण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, तालाब की भूमि पर मिट्टी डालना, काटना, प्लाटिंग करना अथवा किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, अतिक्रमण करना अनुचित है। उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि तालाबों की भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराकर उनकी सीमाएं सुरक्षित करायें यदि मौके पर तालाब की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए तो अभिलेखों के अनुसार नियमानुसार कार्यवाही कर सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि मिशन समाधान के दौरान प्रत्येक प्रकरण में दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष, नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायें, जहां साक्ष्य आवश्यक हों, वहां तत्काल साक्ष्य प्राप्त किए जाएं, आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पक्षों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाए। निरीक्षण के दौरान जल-भराव की स्थिति की संज्ञान लेते हुए अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत से कहा कि जहां जल भराव की स्थिति है, वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, जिन स्थानों पर आसानी से पानी निकाला जा सकता है, वहां तत्काल टीम लगाकर पानी निकासी की जाये, कहीं भी जल-भराव की स्थिति न रहे, कृत कार्यवाही के फोटोग्राफ्स, रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाये।

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तहसील कुरावली के मौजा नगरिया में गाटा संख्या-276 एवं 277 से संबंधित भूमि विवाद का स्थलीय निरीक्षण के दौरान मौके पर बनी नींव, बाउंड्री एवं हाल ही में हुए निर्माण को देखा, राजस्व अभिलेखों, पूर्व की पैमाइश की जानकारी के दौरान पाया कि जिस भूमि को लेकर विवाद चल रहा है, उसका बैनामा एक पक्ष द्वारा कराया गया है, जबकि मौके पर पहले से नींव एवं बाउंड्री मौजूद होने के कारण भूमि के कब्जे एवं वास्तविक स्थिति को लेकर विवाद है, उन्होंने संबंधित पक्ष से कहा कि विवादित भूमि खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, कब्जे, पैमाइश एवं अभिलेखों की जांच करना खरीददार की जिम्मेदारी है, जिस व्यक्ति से भूमि खरीदी गई है, उससे संबंधित विवाद का समाधान, खरीददार अपने स्तर पर अथवा सक्षम न्यायालय के माध्यम से कराए। उन्होंने पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवादित भूमि पर आगे कोई नया निर्माण न हो, वर्तमान स्थिति यथावत रखी जाए, मौके पर हुए निर्माण, आसपास एवं पीछे की भूमि की स्थिति की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करायें, पूर्व की पैमाइश, बैनामा, कब्जे एवं अभिलेखों का परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाय, दाखिल-खारिज की कार्यवाही में पक्षों के दावों एवं आपत्तियों का विधिवत परीक्षण, दोनों पक्षों को धारा 107/116 के तहत पाबंद किया जाये। उन्होंने कहा कि भूमि के स्वामित्व एवं कब्जे का अंतिम निर्णय सक्षम सिविल न्यायालय द्वारा किया जाएगा, दोनों पक्ष न्यायालय में अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर अधिकार तय कराएं, न्यायालय के निर्णय तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण, कब्जे का प्रयास नहीं होने दिया जाएगा।

इस दौरान उप जिलाधिकारी घिरोर, कुरावली, पीयूष कुमार जायसवाल, प्रदीप कुमार सिंह, तहसीलदार घिरोर गौरव, अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।

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