मैनपुरी(सुवि)मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन द्वारा पी.एम. पोषण योजनांतर्गत कार्यरत् रसोइयों के सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम मै उपस्थित योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री, विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों को ध्यान में रख कार्य कर रही है, संविदा शिक्षकों, अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि, राशन डीलरों के मानदेय में बढ़ोत्तरी, ग्राम प्रधानों के कार्यकाल से जुड़े निर्णयों के बाद अब परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोईया बहनों के हितों में महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि पहले रसोईया बहनों को मात्र रू. 01 हजार प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर रू. 02 हजार किया और अब इसे बढ़ाकर रू. 03 हजार प्रतिमाह किया गया है इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। उन्होने कहा कि रसोइया बहनों को कैशलेस उपचार की सुविधा, दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता तथा पोशाक के लिए धनराशि जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, सरकार का उद्देश्य केवल मानदेय बढ़ाना नहीं बल्कि समाज के ऐसे वर्गों को सुरक्षा और सम्मान देना भी है, जो लंबे समय से बच्चों के पोषण एवं शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, सरकार समाज के कमजोर वर्ग को मजबूत बनाने, प्रत्येक व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा होने में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार के प्रयासों से देश और उ.प्र. तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, गरीब परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए खाद्यान्न की सुरक्षा सुनिश्चित की गई ताकि कोई भी व्यक्ति भूखे पेट सोने के लिए मजबूर न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है, गरीब का बच्चा भी पढ़-लिखकर आई.ए.एस., आई.पी.एस., पी.सी.एस., चिकित्सक, इंजीनियर और वैज्ञानिक बने यही सरकार की सोच है।

विधायक भोगांव ने परिषदीय विद्यालयों में हुए कायाकल्प कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले अनेक प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति जर्जर थी, भवनों एवं मूल-भूत सुविधाओं की कमी के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होती थी, बच्चों के पलायन की स्थिति भी देखने को मिलती थी, प्रदेश सरकार ने विद्यालयों का कायाकल्प कर उनमें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया है, आज विद्यालयों में बच्चों को जूते-मोजे, ड्रेस, किताबें, नाश्ता और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होने रसोइया बहनों से अपील करते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक, स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे समाज के ही परिवारों के बच्चे हैं इसलिए उनके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए, भोजन में किसी प्रकार की गंदगी, कीड़े-मकोड़े, छिपकली या अन्य समस्या की शिकायत सामने न आए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से पूरे विद्यालय और व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है इसलिए रसोइया बहनें पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि प्रदेश में पूर्व में भी सरकारें रहीं लेकिन वर्तमान सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है, रसोइया बहनों के मानदेय को बढ़ाकर रू. 03 हजार किया जाना उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह राशि भले ही बहुत बड़ी न हो लेकिन परिवार की जरूरतों को पूरा करने में निश्चित रूप से उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि रसोइया बहनों, उनके परिवारों के लिए रू. 05 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से पात्र परिवार निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे इसके अतिरिक्त पोशाक के लिए दी जाने वाली रू. 500 की राशि को बढ़ाकर अब रू. 01 हजार किया गया है, आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में भी सहायता की सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा की गई यह घोषणाएं रसोइया बहनों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके परिवारों को भी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेंगी। उन्होने कहा कि नई सुविधाएं सितंबर से लागू होंगी और अक्टूबर में बढ़े हुए मानदेय के रूप में इसका लाभ प्राप्त होगा, रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश सरकार की ओर से रसोइया बहनों को यह सौगात एक भाई की ओर से बहनों के सम्मान, सुरक्षा के भाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने कहा कि रसोइया बहनों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, उनके मानदेय में वृद्धि के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा और दुर्घटना की स्थिति में सहायता जैसी सुविधाएं उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, परिवार में किसी आपदा की स्थिति में आर्थिक संकट न आए, इसकी चिंता भी सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर रसोइया बहनों को मिली यह सौगात उनके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता का संदेश देती है। उन्होंने रसोइया बहनों को बधाई देते हुए कहा कि वह विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। उन्होने कहा कि उनका योगदान केवल भोजन बनाने तक सीमित नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विद्यालयी वातावरण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार को 12 वर्ष, प्रदेश में भाजपा सरकार के लगभग पौने दस वर्ष पूरे होने की अवधि में जन-कल्याण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, गांव, गरीब, किसान, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों, माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा को सरकार ने प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ और अपराधियों, गुंडों तथा माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्यवाही की गई, जिसका परिणाम है कि आज आम नागरिक स्वयं को पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है। विधायक भोगंाव, प्रदेश उपाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने रसोईया बहन चारू, जीमा देवी, रिन्की, सुमन, विजेन्द्र सिंह, सोनी, मंजू देवी, फूलमती, स्नेहलता, फूलमाला मिश्रा, दीपा तिवारी, रेखा, ऊषा राठौर, नीतू गुप्ता को बढ़े हुये मानदेय का प्रतीकात्मक चैक, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी, नेहा बंधु के अलावा जिला उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, पंकज भदौरिया, कोषाध्यक्ष डॉ. विमल पाण्डेय, बड़ी संख्या रसाईयां बहन, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।



