मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक-स्पॉट, स्कूली वाहनों की सुरक्षा, अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, क्षतिग्रस्त सड़कों तथा यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होने परिवहन, लोक निर्माण, पुलिस विभाग के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतते हुए प्रभावी प्रवर्तन के साथ-साथ स्थायी सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होने ब्लैक-स्पॉट की समीक्षा के दौरान कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर ब्लैक-स्पॉट चिन्हित करना पर्याप्त नहीं, वर्ष-2023 में चिन्हित 11 ब्लैक-स्पॉट, बाद में चिन्हित 06 ब्लैक-स्पॉट तथा वर्तमान में चिन्हित नए ब्लैक-स्पॉट का तुलनात्मक परीक्षण कराया जाए, स्पष्ट रूप से देखा जाए कि पुराने ब्लैक-स्पॉट में कितने स्थान अभी भी दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष-2023 से लगातार कोई स्थान दुर्घटना संभावित बना हुआ है तो उसे केवल सूची से हटाने के बजाय वहां स्थायी सुधार कराया जाए, पुराने ब्लैक-स्पॉट को सूची से हटा देना समस्या का समाधान नहीं क्योंकि ऐसे स्थान भविष्य में ‘हिडन ब्लैक स्पॉट’ के रूप में दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।

श्री त्रिपाठी ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस को शहर के सभी विद्यालयों के लिए रोस्टर आधारित प्रातः-कालीन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुबह के समय विद्यालयों के आस-पास टीमें लगाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि क्षमता से अधिक बच्चों को ई-रिक्शा, पुरानी ओमनी वैन अथवा अन्य असुरक्षित वाहनों से विद्यालय तक न लाया-ले जाया जाए, प्रत्येक विद्यालय से सूची प्राप्त की जाए कि कितने बच्चे किस साधन से विद्यालय आते-जाते हैं, इसके आधार पर जोखिम वाले वाहनों, मार्गों की पहचान की जाए, विद्यालयवार रोस्टर बनाकर प्रतिदिन सुबह चेकिंग कराई जाए। उन्होने कहा कि यदि असुरक्षित स्कूली वाहन के कारण कोई दुर्घटना होती है और उसमें परिवहन, यातायात विभाग की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होने ईशन नदी के आस-पास, पुल के दोनों ओर तथा करहल मोड़ सहित अन्य स्थानों पर बसों की अनियमित पार्किंग पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि सड़क पर दो लेन तक बसें खड़ी करके सवारियां भरने की व्यवस्था तत्काल समाप्त कराई जाए, नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि यातायात नियम सभी के लिए समान हैं और किसी भी विभाग अथवा संस्था के वाहन को नियमों के उल्लंघन पर छूट न दी जाए, परिवहन, यातायात विभाग को नियमित अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के विरुद्ध चालान, आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़े होने से आवागमन प्रभावित होता है और दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए नो-पार्किंग और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी की जाए।

उन्होंने परिवहन, पुलिस विभाग के अधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करें, सड़क के किनारे किये गये अतिक्रमण को तत्काल हटवाया जाये, राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे पर रात्रि में रोड के किनारे कोई वाहन खड़ा न हो, एनएचएआई, यूपीडा के अधिकारी सुनिश्चित करें, रोड ऑनिंग एजेंसियां एन.एच.ए.आई., यूपीडा द्वारा पेट्रोलिंग, एंबुलेंस, क्रेन, फायर ब्रिगेड की तत्काल व्यवस्था की जाये, पुलिस, परिवहन विभाग के अधिकारी प्रभावी प्रवर्तन कार्य करें, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाने वालों, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए, नियमों की अनदेखी करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएं, ओवर स्पीड, बिना सीट-बेल्ट, हेलमेट के वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही कर जुर्माना वसूला जाये। उन्होंने जानकारी करने पर पाया कि 01 जनवरी से 31 जुलाई तक जनपद में 381 सड़क दुर्घटनाएं घटित हुईं, जिसमें 194 व्यक्तियों को अपनी जान गवांनी पड़ी जबकि गत वर्ष माह जनवरी से 31 जुलाई तक 397 दुर्घटनाएं घटित हुयीं, जिसमें 236 व्यक्तियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

ए.आर.टी.ओ. सिद्धार्थ यादव ने बताया कि माह जुलाई 26 में ओवर स्पीड पर 115, बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाने पर 3632, बिना सीट बैल्ट पर 365, रोंग साइड पर 447, मोबाइल का प्रयोग करने पर 62, नशे की हालत में वाहन चलाने पर 24, यात्री वाहन, स्कूली वाहन, ऑटो, टैम्पो, ई-रिक्शा में ओवर लोडिंग पर 19, माल वाहनों में ओवर लोडिंग पर 35 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, क्षेत्राधिकारी यातायात दीपशिखा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरुण, डालचंद भूकेश, एन.एच.ए.आई, यूपीडा के प्रतिनिधि, विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य आदि उपस्थित है।

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