मैनपुरी(सूवि)प्रमुख सचिव परिवहन एल. वेंकटेश्वर लू ने सड़क सुरक्षा के संबंध में आयोजित बैठक में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यालयों के छात्रों को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें, किसी भी विद्यालय का छात्र सड़क दुर्घटना का शिकार न हो, कोई छात्र सड़क दुर्घटना का कारण न बने, विद्यालयों के माध्यम से अपने छात्रों को यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने के लिए तैयार किया जाए, छात्रों के बीच सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा पर आधारित वाद-विवाद, पोस्टर, निबंध आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए, सभी विद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब, विद्यालय यान समिति गठित हो और समय-समय पर इनकी बैठकें आयोजित कराई जाएं, विद्यालयों के वाहन चालकों, परिचालकों का नियमित रूप से स्वास्थ्य, नेत्र परीक्षण हेतु कैंप आयोजित हों, सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर सभी लोग चिंतित रहें, प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अनमोल है इसलिए सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी, प्राइवेट वाहनों में यात्रा करते समय वाहन चालक की गतिविधियों पर नजर रखें यदि कोई वाहन चालक शराब के नशे में हो, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करे, निर्धारित गति से अधिक स्पीड में वाहन चलाये, रात्रि के समय सफर करते समय यदि वाहन चालक को झपकी आए, तो तत्काल चालक को सचेत करें।
प्रमुख सचिव परिवहन ने कहा कि वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी करने, किसी एक व्यक्ति की गलती के कारण उसका खामियाजा दूसरों को भी भुगतना पड़ता है, दुर्घटना का सबसे महत्वपूर्ण कारण ओवर स्पीड, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना, नशे की हालत में वाहन चलाना है, हम सबको वाहन चालकों को नशे की हालत में वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने, निर्धारित गति मे ही वाहन चलाने के लिए जागरूक करना होगा, इस कार्य में एनसीसी, एनएसएस. कैडेट्स, स्काउड गाइड के बच्चों का सक्रीय सहयोग लेना होगा उन्होने कहा कि सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें, दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य लगाएं, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें, तमाम लोग हेलमेट का प्रयोग न करने के कारण सड़क दुर्घटना में सर में चोट लगने के कारण मौत के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव मे सभी लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी करें, महापुरुषों के उपदेशों, त्याग, बलिदान से प्रेरणा लेकर देश, समाज को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग दें, जो व्यक्ति समाज के उत्थान के लिए, देश के विकास के लिए कार्य करता है उसी का जीवन सार्थक होता है।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल, दुपहिया, चार पहिया वाहन प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, विगत कुछ समय से सड़कों पर वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, एक्सप्रेस-वे, हाईवे के निर्माण के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों का भी विकास हुआ है। उन्होेने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी के कारण प्रतिदिन कहीं न कहीं सड़क हादसे होते हैं, जिसमें कई लोगों को खोना पड़ता है, जो समाज, पीड़ित परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति है, बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए हम सबको सम्मिलित प्रयास करने होगें। उन्होने प्रमुख सचिव परिवहन को अवगत कराते हुये कहा कि यातायात नियमों के प्रति जन सामान्य के साथ-साथ स्कूली बच्चों को जागरूक कराने के लिए जिले में तमाम कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं, विद्यालयों में छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित हुयीं है, मुख्य चौराहों पर एनसीसी, एनएसएस, स्काउड गाइड के छात्रों द्वारा वाहन चालकों को हेलमेट का प्रयोग करने, सीटबेल्ट लगाने के लिए जागरूक किया गया है, पुलिस, परिवहन विभाग द्वारा भी निरंतर कार्यवाही की जा रही है, जनपद में अभियान चलाकर सड़कों से अतिक्रमण हटाया गया है।
पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी करने पर प्रतिदिन दुर्घटनाएं होती हैं, अधिकांश दुर्घटनाएं वाहन चालकों की लापरवाही के कारण घटित होती हैं, निर्धारित स्थान पर पार्किंग न करने, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना वाहन चालक का प्रत्यक्ष दोष है, इनकी लापरवाही के कारण स्वयं का जीवन तो खतरे में रहता ही है साथ ही अन्य वाहन चालक भी इनकी लापरवाही का शिकार होते हैं। उन्होने कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों का आव्हान करते हुये कहा कि अपने-अपने विद्यालयों के छात्रों को अभी से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें, छात्रों के माध्यम से उनके अभिभावकों, परिजनों को हेलमेट, सीटबेल्ट का प्रयोग करने के लिए जागरूक करायें। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र सहित परिवहन विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, छात्र आदि उपस्थित रहे।