मैनपुरी(सूवि)जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने आजादी के अमृत महात्सव के महापर्व के अन्तर्गत ईसन नदी का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण निर्माण एवं नदी को अस्तित्व में लाने के उद्देश्य से ईसन नदी पुल मॉल के समीप पर ईसन नदी से जलकुम्भी हटाने, नदी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारम्भ करते हुये कहा कि ईसन नदी को जल्द ही नया स्वरूप मिलेगा, ईसन नदी की सफाई का कार्य निरतंर चलेगा, पुलों के नीचे की सफाई लेवर लगाकर करायी जायेगी, ईसन नदी से जलकुम्भी पूरी तरह समाप्त होगी, पॉकलेन मशीन से जलकुम्भी के साथ-साथ नदी की सफाई का कार्य कराया जायेगा। उन्होने कहा कि ईसन नदी की सफाई से इसके जलस्तर में वृद्धि होगी जो शहर के आस-पास के भू-गर्भ जलस्तर को सुधारने में सहायक होगी,नदी के जलस्तर में वृद्धि से शहर के आस-पास का भू-गर्भ जलस्तर सुधरेगा, किसानों को सिंचाई हेतु संशाधन उपलब्ध होंगे, नदी में पानी की उपलब्धता होने पर किसानों को राहत मिलेगी। उन्होने नदी की सफाई के कार्य में लगे कार्मिकों से कहा कि नदी की सफाई का कार्य पूरे मनोयोग से करें। उन्होने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित करते हुये कहा कि सफाई कार्य में लगे सभी मजदूरों के पास समस्त आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहें, उन्हें जूते, ग्लब्स आदि उपलब्ध कराये जायें, आबादी के पास होने के कारण नदी में सफाई के दौरान कांच की शीशियां, सिरिंज आदि निकलने की सम्भावना हैं, इसलिए सफाई के कार्य में पूरी सतर्कता बरती जाये।
श्री सिंह ने कहा कि नदियां प्रकृति का अनमोल उपहार है, नदियां हमेशा जीवनदायिनी रही है, नदियां बारिश का जल एकत्र कर उसे भू-भाग में पहुंचाने का कार्य करती है, नदियों के किनारे प्राचीन भारत की सभ्यता का विकास हुआ, देश की कई शक्तिशाली नदियों के पानी की स्वच्छता में डुबकी लगाने से हमारे शरीर की नकारात्मक उर्जा नष्ट होती है। उन्होने कहा कि नदियां, तालाब, प्राकृतिक जलश्रोत भू-गर्भ जल स्तर को बढ़ाने का कार्य करती है साथ ही नदियों के आस-पास का वातावरण साफ-सुथरा रहता है, नदियों में पानी की उपलब्धता रहने से आस-पास का क्षेत्र हरा-भरा होता है साथ ही पशु-पक्षियों को पीने के पानी की उपलब्धता भी बनी रहती है। उन्होंने सभी का आव्हान करते हुये कहा कि नदी के किनारे खुले में शौच न करें, कूड़ा-करकट नदी में न फेंके, नदी को पुराने स्वरूप में लाने के लिए प्रशासन ने नदी से जलकुम्भी को हटाने का कार्य प्रारम्भ किया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड,़ नदियों के आस-पास अनाधिकृत कब्जे, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई का ही परिणाम है कि प्रकृति मैं तेजी से असंतुलन बढ़ा रहा है, धरती से अंधाधुंध दोहन के कारण गर्मी ज्यादा पड़ रही है और बारिश लगातार घट रही है, हमें धरती को पुराने स्वरूप में लाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है, पानी की अधिक बर्बादी आने वाले समय में विकराल रूप धारण करेगी, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण प्रदूषित होगा, नदियों में गंदगी डालने से उनका स्वरुप बदलेगा, पॉलिथीन सर्वनाश की जड़ है फिर भी लोग इसके प्रयोग से परहेज नहीं कर रहे, जानबूझ कर जल का दोहन कर दुरुपयोग कर रहे हैं हम सब को सजग रहना होगा अन्यथा इसके भयावह परिणाम सामने होंगे। नहरों, तालाबों, नदियों के किनारे अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर, तालाबों, नहरों की सफाई कराकर शहर की जीवनदायिनी ईशन नदी को स्वच्छ बनाने, नदी की संरक्षित करने की दिशा में कार्य करना होगा।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका लालचन्द भारती आदि उपस्थित रहे।