मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा-12), राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में टाइप-04 के 24 नग आवासों का निरीक्षण करते हुए कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्तापरक, समयबद्ध पूर्ण कराना संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी है, निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी, गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, सम्बन्धित अधिकारी नियमित स्थलीय निरीक्षण, सत्त मॉनिटरिंग, तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करायें ताकि जनहित की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लाभ समय पर आमजन, विद्यार्थियों को मिल सके।

श्री त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा-12) के निरीक्षण के दौरान कार्यों की भौतिक, वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था उ.प्र. प्रोजेक्ट्स कॉर्पाेरेशन लिमि. के अभियंताओं को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर की प्रस्तावित बाउंड्रीवाल का चिन्हांकन तत्काल कराया जाये, मिट्टी भराई के कार्य में अपेक्षित गति लायी जाये, निर्माण स्थल पर स्वीकृत मॉडल, नक्शा एवं ड्राइंग अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे ताकि कार्य निर्धारित मानकों एवं डिज़ाइन के अनुरूप कराया जा सके। उन्होंने निर्माण स्थल पर उपलब्ध सीमेंट, सरिया सहित अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए कहा कि प्रत्येक निर्माण सामग्री की समयबद्ध रूप से प्रयोगशाला में गुणवत्ता की जांच करायी जाए, मौके पर उपस्थित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने बताया कि रू. 24.07 करोड़ की लागत से परियोजना में अब तक रू. 11.97 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है, अवमुक्त धनराशि में रू 02.40 करोड़ व्यय किए जा चुके हैं, वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति 12.16 प्रतिशत है, जिसपर उन्होंने कार्य की गति बढ़ाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, परिसर में टाइप-04 के 24 आवासों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान जानकारी करने पर पाया कि रू 17.82 करोड़ लागत की इस परियोजना पर अब तक रू 14.09 करोड़ धनराशि व्यय की जा चुकी हैं, परियोजना में लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसपर उन्होंने कहा कि धनाभाव के कारण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए, अवशेष कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने हेतु उनकी ओर से तत्काल पत्राचार किया जाए ताकि परियोजना समय से पूर्ण होकर उपयोग के लिए उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला सहित कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता आदि उपस्थित रहे।

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