मैनपुरी(सुवि)तहसील सदर स्थित ग्राम औंड़ेन्य पड़रिया में लगभग 52 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए ग्राम समाज की भूमि को अतिक्रमण-मुक्त कराया, चकबंदी, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्राम समाज तथा कृषि फार्म की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया और भूमि को कब्जा मुक्त कराया, ग्राम औड़ेन्य पड़रिया में चकबंदी की प्रक्रिया पिछले कई दशकों से विचाराधीन है, वर्तमान में ग्राम में चकबंदी अधिनियम की धारा-52 के अंतर्गत प्रकाशन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, चकबंदी आयुक्त, जिलाधिकारी एवं जिला उप संचालक चकबंदी के निर्देशों के क्रम में चकबंदी प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने तथा ग्राम समाज की भूमि को अतिक्रमण-मुक्त कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा संयुक्त समिति गठित की गयी थी, गठित समिति में नायब तहसीलदार न्यायिक, सहायक चकबंदी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व लेखपाल, चकबंदी लेखपाल एवं चकबंदी कर्ता सहित संबंधित अधिकारियों को नामित किया गया, समिति को ग्राम समाज की भूमि का सत्यापन कर अवैध कब्जों को हटाने तथा चकबंदी प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी द्वारा सौंपी गई थी।
आज समिति द्वारा किए गए सर्वेक्षण एवं निरीक्षण के आधार पर ग्राम समाज की विभिन्न गाटा संख्याओं पर अवैध कब्जों की पहचान की गई, इसके उपरांत प्रशासनिक एवं पुलिस बल की उपस्थिति में गाटा संख्या-202, 205, 209 एवं 991 सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की गई, उक्त भूमि ऊसर श्रेणी की ग्राम समाज भूमि है, जिस पर अवैध कब्जा किया गया था इसके अतिरिक्त कृषि फार्म की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाकर भूमि को मुक्त कराया गया, मौके पर अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ संबंधित अभिलेखों का सत्यापन भी किया गया, जिससे भविष्य में पुनः अतिक्रमण की संभावना को रोका जा सके, ग्राम में लंबे समय से लंबित धारा-52(1) की कार्यवाही को पूर्ण कराने के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर सक्षम स्तर पर प्रेषित किया जाएगा, ताकि ग्राम औड़ेन्य पड़रिया में दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का मार्ग प्रशस्त होगा, ग्राम समाज की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा, जनहित की भूमि को सुरक्षित रखने तथा राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि का वास्तविक स्वरूप बनाए रखने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा।
इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी परवेज अख्तर अंसारी, चकबंदी, राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी, पुलिस बल आदि उपस्थित रहे।



