मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में जो सैम बच्चे चिन्हित हैं, उन्हें 25 मई तक प्रत्येक दशा में मैम श्रेणी में लाना सुनिश्चित करें, बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के चिन्हित सैम बच्चों के घर जाकर उनके अभिभावकों को दलिया, दाल, दूध, अंडा, हरी सब्जियां, फल, चना, सोयाबीन एवं अन्य प्रोटीनयुक्त एवं संतुलित आहार के सेवन के प्रति जागरूक करें, सैम बच्चों के परिजनों को गौशालाओं से मुख्यमंत्री सहभागिता योजना में दुधारू गाय उपलब्ध करायी जायंे, पोषण ट्रैकर पर “सैम” बच्चों का ब्लॉकवार डेटा सही कराया जाए तथा त्रैमासिक अद्यतन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जानकारी करने पर पाया की सर्वाधिक 78 सैम बच्चे ब्लॉक किशनी में, 42 बच्चे विकास खंड कुरावली में, 28 बच्चे ब्लॉक बरनाहल में, 17 सैम बच्चे विकास खंड बेवर में एवं 13 बच्चे विकास खंड करहल में शेष है, जिन्हें मैम श्रेण्ी में लाने का लक्ष्य निर्धारित है।

श्री त्रिपाठी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित करते हुए कहा कि खराब ट्रांसफॉर्मरों की प्रतिस्थापना, विद्युत व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति सुचारू की जाए। उन्होंने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को आदेेशित करते हुए कहा कि विकास खंडवार फैमिली आईडी के लक्ष्य निर्धारित कर खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों के माध्यम से अवशेष फैमिली आईडी बनवाना सुनिश्चित करें, इस कार्य में पंचायत सहायक, कोटा डीलर का सहयोग लिया जाए, प्रतिदिन फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा कराई जाए। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि एस.बी.एम. फेज-2 के अंतर्गत शौचालयों एवं अन्य योजनाओं का डाटा तत्काल शुद्ध कराते हुए पोर्टल पर सही प्रगति प्रदर्शित कराना सुनिश्चित करें, निदेशालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर लंबित डेटा के सत्यापन एवं सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करायें। उन्होंने पर्यटन विभाग एवं कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के कार्यों की समीक्षा के दौरान अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में बड़े प्रोजेक्ट संचालित होने के बावजूद संबंधित संस्था का स्थानीय कार्यालय नहीं है। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल जनपद मुख्यालय पर कार्यालय स्थापित कर सहायक, अवर अभियंता को नियमित रूप से उपलब्ध रहने हेतु अपने स्तर से आदेशित करने, परियोजना प्रबन्धक को भी सप्ताह में 02 दिन मुख्यालय पर उपस्थित रहने को कहा ताकि परियोजनाओं की निगरानी, समन्वय प्रभावी ढंग से हो सके। उन्होने सामाजिक वनीकरण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि बड़े भू-भागों को चिन्हित कर व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जाए, खाली एवं उपयोग योग्य भूमि पर योजनाबद्ध तरीके से वृक्षारोपण कर जन-भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकांश योजनाओं में जनपद की प्रगति संतोषजनक है, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर ज्यादातर योजनाएं ए-श्रेणी में है लेकिन अभी कुछ योजनाएं बी, सी एवं डी कैटेगरी में चल रही हैं, संबंधित अधिकारी 25 तारीख तक इन योजनाओं की प्रगति सुधारंे ताकि जनपद की विकास कार्यों में रैंक बेहतर बनी रहे। उन्होने समीक्षा में पाया कि प्रोजेक्ट अलंकार में डी-श्रेणी, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, जननी सुरक्षा योजना, आईसीडीएस पोषण अभियान, नई सड़कों का निर्माण में सी-श्रेणी, फैमिली आईडी, व्यक्तिगत शोचालय निर्माण में बी-श्रेणी में पाये जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने विभागों की संचालित योजनाओं की प्रगति सुधार कर इन योजनाओं को भी ए-कैटेगरी में लाने के प्रयास करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक मिश्रा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश बघेल, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला अग्रणी प्रबंधक रामचन्द्र शाहा, अधिशासी अभियंता विद्युत, लोक निर्माण, जल निगम, आर.ई.डी सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित करें, बैठक का संचालन जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरुण कुमार शुक्ला ने किया।


