मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनपदवासियों का आव्हान करते हुए कहा कि ’स्व-जनगणना कर देश की प्रगति में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें, अपनी स्व-गणना पूर्ण कर राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाएँ, सशक्त, विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होने बताया कि मकान गणना एवं जनगणना से संबंधित सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जायेंगी तथा इनका उपयोग केवल अधिकृत जन-गणना कार्यों के लिए किया जाएगा।

श्री त्रिपाठी ने जनपद के समस्त विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्य से कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करायें, दि. 13, 14 एवं 15 मई को अपने-अपने विद्यालय के छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर उनसे स्व-गणना करना सुनिश्चित करें, स्व-गणना कार्य में जो भी विद्यालय सबसे बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें भव्य समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्व-गणना पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ेम.बमदेनेण्हवअण्पद पर जाकर अपने मोबाइल नंबर से ओ.टी.पी. द्वारा लॉगिन करें, अपना राज्य, जिला और स्थानीय विवरण चुनकर डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें, मकान एवं परिवार से संबंधित जानकारी भरें, सबमिट के बाद एसई आई.डी. मिलेगी, एसई आई.डी. सुरक्षित रखें, वेब पोर्टल अंग्रेज़ी, हिंदी सहित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, परिवार का कोई भी एक सदस्य लगभग 15-20 मिनट में स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए परिवार संबंधी विवरण दर्ज कर सकता है तथा स्व-गणना पहचान संख्या ैम् प्क् अपने मोबाइल, ई-मेल पर प्राप्त कर सकता है, प्रगणक के परिवार भ्रमण के दौरान, स्व-गणना के विवरण की पुष्टि एवं अंतिम प्रस्तुतिकरण के लिए ैम् प्क् प्रगणक के साथ साझा करना आवश्यक होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपस में समन्वय के साथ कार्य करें, जनसहभागिता के माध्यम से इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाये, स्व-गणना हेतु अवशेष अधिकारियों, कर्मचारियों की स्व-गणना सुनिश्चित करायें। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक दिव्यांगजन सशक्तीकरण द्वारा 14003 के सापेक्ष मात्र 06, समाज कल्याण विभाग द्वारा 95243 के सापेक्ष मात्र 72, परियोजना अधिकारी डूडा द्वारा 2661 के सापेक्ष मात्र 69, मनरेगा विभाग द्वारा 202576 के सापेक्ष 410, पंचायती राज विभाग द्वारा 297862 के सापेक्ष 1109, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग द्वारा 109577 के सापेक्ष मात्र 1252 कर्मियों, लाभार्थियों एवं स्टेकहोल्डर्स की स्व-गणना की गयी है वहीं मण्डी परिषद, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा में शून्य, खनन, दुग्ध, नेडा में 01-01, राष्ट्रीय बचत, खादी ग्रामोद्योग में 02-02, कोषागार निर्वाचन, बांट माप में 03-03, साथ ही राजस्व, कार्यक्रम, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण, ग्रामीण अभियंत्रण, उद्योग, पशुपालन, कृषि, जिला पंचायत, श्रम, पिछडा वर्ग, ग्राम्य विकास अभिकरण, खाद्य एवं रसद, नगर पलिकाओं, विद्युत, प्रोबेशन, वन, एसओसी चकबंदी, परिवहन, सहकारिता, आयुष, राज्य कर, आबकारी आदि महत्वपूर्ण, लाभार्थीपरक विभागों में भी जिला, ग्राम स्तरीय कर्मियों, योजना के लाभार्थियों एवं स्टेकहोल्डर्स की स्व-गणना प्रगति काफी अंसन्तोषजनक है।

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