मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने संभावित बाढ क्षेत्रों के अनुश्रवण हेतु गठित जिला स्टीयरिंग ग्रुप कमेटी की बैठक के दौरान कहा कि सभी संबंधित अधिकारी तत्काल कार्य-योजना प्रस्तुत करें, बाढ़ की स्थिति में बाढ़ चौकियों का चिन्हांकन किया जाए ताकि प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल राहत मुहैया कराई जा सकें, बाढ़ राहत की कार्य-योजना तत्काल तैयार कर उपलब्ध करायी जाए, संभावित बाढ़ के मद्देनजर जानवरों के लिए हरा चारा, भूसे की व्यवस्था रहे, संभावित बाढ से निपटने के लिए जल-भराव, नदी के किनारे वाले गांव को चिन्हित कर बाढ़ चौकियां स्थापित की जाए, जल-भराव वाले स्थानों से जल निकासी के उचित प्रबन्ध किये जायें, जिन क्षेत्रों में जल-भराव की समस्या हो, उन क्षेत्रों, जिन विभागों के पास पम्पसैट हैं, की सूची सिंचाई विभाग को तत्काल उपलब्ध करायी जाये। उन्होने अधिशासी अभियंता निचली गंगा नहर को निर्देशित करते हुए कहा कि नदियों, रजवाहों की सफाई का कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाये साथ ही नालों का चिन्हांकन कर उनकी भी सफाई करायी जाये।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें, जिन क्षेत्रों में जल-भराव की समस्या की अधिक संभावना हो वहां के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र के नाविकों के नाम, पता, मोबाइल नम्बर की सूची अभी से तैयार कर लें ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नावों की व्यवस्था हो सके। अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, नगर निकाय नालों की सफाई बरसात से पहले ही कराना सुनिश्चित करें, जनपद में स्थापित हैण्डपम्पों को चालू हालत में रहें, खराब हैण्डपम्पों की छोटी-छोटी मरम्मत, रीबोर होने वाले हैण्डपम्पों को तत्काल ठीक कराया जाये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि गर्मी के मौसम के दृष्टिगत डायरिया, मलेरिया आदि बीमारियां फैलने की आशंका रहती है इसलिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सक, पैरामेडीकल स्टॉफ उपलब्ध रहे, स्वास्थ्य केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पशुओं के चारे-भूसे की व्यवस्था हेतु तत्काल प्रभावी कार्यवाही करें, पशुओं के टीकाकरण पर ध्यान दिया जाये, सभी पशु स्वास्थ्य केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा दवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ पशु चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करायी जाये।

उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा नहरों में अवैधनिक कटिंग रोकने हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए इसके लिए संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार कर विभागीय कर्मचारियोें तथा पुलिस बल की पैट्रोलिंग करायी जाए, अवैध खंदी होने पर सम्बन्धित पुलिस चौकी पर ही प्राथमिकी दर्ज कराकर प्रभावी कार्यवाही करायी जाए, आकस्मिक दैवीय आपदा से सम्बन्धित कार्यों के लिए पी.ए.सी. की व्यवस्था रहे। उन्होने कहा कि संभावित बाढ़ के समय विद्युत आपूर्ति बनाए रखने एवं आवश्यकता पड़ने पर डीजल, मिट्टी के तेल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहे डीजल, मिट्टी के तेल आदि रिजर्व रखा जाये, राहत शिविरों टेन्ट व राहत सामग्रियों की किट के टेण्डर पूर्ण कर लिये जायें, संभावित बाढ़ से बचाव में राहत पहुंचाने हेतु चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, विद्युत विभाग, आपूर्ति विभाग व अन्य कार्यदायी विभाग अपनी-अपनी तैयारी पूर्ण कर लें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार, जिला कृषि अधिकारी अविशांक सिंह चौहान, जिलापूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत अनिल कुमार वर्मा, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, नगर पंचायत भोगांव, करहल, ज्योति खुड़िया बुद्धि प्रकाश, संदीप कुमार, संजय राव, लक्ष्य भारती, मोहित कुमार मालपानी, आपदा विषेशज्ञ अंकिता सक्सैना सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के अलावा ब्लॉक प्रमुख घिरोर, जागीर, कुरावली सत्यपाल सिंह यादव, मुनेश चौहान, संगीता यादव आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन अधिशाषी अभियंता नहर राजीव कुमार ने किया।

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