मैनपुरी(सुवि)मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन योगी आदित्यनाथ के द्वारा लखनऊ में शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत टी.पी. गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री, विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने जनपद के 1840 शिक्षामित्रों में से प्रत्येक विकास खंड के 02-02 शिक्षामित्रों को बढ़े हुये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक उपलब्ध कराये। उपस्थित शिक्षामित्रों को सम्बोधित करते हुए पूर्व मंत्री, विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री ने कहा कि आज का दिन सभी शिक्षामित्रों के लिए महत्वपूर्ण है, प्रदेश सरकार द्वारा आपके मानदेय में वृद्धि का निर्णय अप्रैल-2026 को लिया गया था, आज बढ़े हुए मानदेय का भुगतान आपके खातों में भेजा गया है, जो आपके परिश्रम, समर्पण का नतीजा है, वर्तमान समय महंगाई का है और चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं लेकिन यह अंत नहीं है यदि आप अपने कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ करते रहोगें, तो निश्चित ही भविष्य में और भी बेहतर परिणाम सामने आएँगे और आपके हित में और भी सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। उन्होने कहा कि आप सभी उस आधारशिला के शिल्पी हैं, जिस पर देश का भविष्य निर्मित होता है, किसी भी इमारत की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है और आप वही लोग हैं जो उस नींव को तैयार करते हैं यदि नींव मजबूत होगी, तो इमारत वर्षों तक स्थिर और भव्य बनी रहेगी, ठीक उसी प्रकार, जिन बच्चों को आप शिक्षा प्रदान करेंगे वही कल का भारत, देश के भविष्य के निर्माता होंगे, छात्रों को सही दिशा देना, उन्हें संस्कारवान बनाने, बेहतर नागरिक बनाने की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है।

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विधायक भोगांव ने कहा कि आज दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है वह हम सभी के लिए चिंता का विषय है, कई देशों में युद्ध की स्थिति है, लोग बम, बारूद के साए में जीवन-यापन करने को मजबूर हैं, वहां के बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं, उनका भविष्य अनिश्चितता में डूबा हुआ है लेकिन इन सब परिस्थितियों के बावजूद हमारा देश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम कठिनाइयों के बीच भी आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। उन्होने कहा कि भारत कभी विश्वगुरु रहा है, ज्ञान, संस्कृति और सभ्यता के क्षेत्र में हमने दुनिया का नेतृत्व किया है, आज फिर हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, देश के प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाया जाए लेकिन यह सपना तभी साकार होगा जब हम सभी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी से करेंगे। उन्होने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति बहुत ही दयनीय थी, भवन जर्जर थे, सुविधाओं का अभाव था, बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण नहीं था लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद “ऑपरेशन कायाकल्प” अभियान के माध्यम से विद्यालयों की तस्वीर बदलने का कार्य किया गया, आज गांव-गांव में प्राथमिक, जूनियर विद्यालय साफ-सुथरे, सुसज्जित और आकर्षक दिखाई देते हैं, शौचालय, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सब कुछ बेहतर हुआ है, विद्यालयों में शिक्षा के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है।

जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह उस मूल विषय पर चिंतन करने का अवसर है, जो किसी भी समाज, जनपद, राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। उन्होने कहा कि बेसिक शिक्षा ही किसी भी राष्ट्र की नींव होती है, यह बात हम सब भली-भांति जानते हैं कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे समाज के उन वर्गों से आते हैं, जिन्हें हम अंत्योदय की श्रेणी में रखते हैं, ये वह बच्चे हैं जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर, जिनके पास संसाधनों की कमी है और जिनके लिए शिक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि जीवन बदलने का एकमात्र साधन है इसलिए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि आज वास्तविक अंत्योदय की अवधारणा यदि कहीं साकार हो रही है, तो प्राथमिक विद्यालयों में ही हो रही है। उन्होने कहा कि जो बच्चे प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनकी सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि वह कई बार नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ पाते, उनके परिवारों में अभी भी शिक्षा के प्रति जागरूकता का अभाव है, जब तक हम इस अज्ञानता को दूर नहीं करेंगे, तब तक केवल विद्यालय खोल देने से या शिक्षक उपलब्ध करा देने से शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होने कहा कि किसी भी समाज, राष्ट्र का विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है यदि व्यक्ति शिक्षित और स्वस्थ होगा तो वह अपने, अपने परिवार, समाज, देश का विकास स्वयं कर सकता है लेकिन यदि वह अशिक्षित है और स्वस्थ भी नहीं है तो विकास की कोई भी योजना उसके जीवन में वास्तविक परिवर्तन नहीं ला सकती, शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक समग्र प्रक्रिया है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाती है।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे बच्चे जो नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित करना होगा, उन्हें समझाना होगा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य के लिए कितनी महत्वपूर्ण है यदि किसी परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, तो उसके समाधान के लिए भी सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं लेकिन उसके लिए बच्चों का विद्यालय में नियमित आना आवश्यक है, यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें शिक्षक, शिक्षामित्र, ग्राम प्रधान और प्रशासन सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल बच्चों को विद्यालय तक लाना नहीं बल्कि उन्हें वहां बनाए रखना और उनके भीतर सीखने की ललक पैदा करना है, जब बच्चा खुद से विद्यालय आने के लिए उत्साहित होगा, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा, इसके लिए हमें नवाचार करने होंगे, नई-नई गतिविधियों को शामिल करना होगा और बच्चों को एक ऐसा वातावरण देना होगा जिसमें वह स्वयं को सहज महसूस करें।

जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने उपस्थित शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1999 से रू. 3500 प्रतिमाह मानदेय से प्रारंभ हुए सफर में आप सबने काफी उतार-चढ़ाव देखे, आपको मानदेय काफी कम मिलता था, प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर पहले रू. 10 हजार किया और अब रू. 18 हजार किया गया, यह सफर यूहीं आगे चलता रहेगा, आपके मानदेय के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराये जाने के लिए प्रदेश सरकार कृत-संकल्पित है जल्द ही शिक्षामित्रों को रू. 05 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया होगी। उन्होने उपस्थित शिक्षामित्रों का आव्हान करते हुये कहा कि माता-पिता के बाद बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाना आपका पदीय दायित्व है, आप बच्चों को सरल भाषा में ज्ञान दें, बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ायें, अध्यापक का व्यक्तित्व, आचरण छात्रों को जीवन भर याद रहता है, इसलिए अपने आचरण को हमेशा शालीन रखें।

विधायक भोगांव, जिलाधिकारी, जिलाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड सदर के शिक्षामित्र अनुराग मिश्रा, आरती चौहान, नगर क्षेत्र केे प्रवेश, रुचि दरबारी, विकास खंड करहल के कमल पांडेय, अभय चौहान, विकास खंड घिरोर की अनीता लाल, आदित्य कुमार, विकास खंड बेवर के प्रशांत पांडेय, राजवीर सिंह, विकास खंड सुल्तानगंज की नीलू शाक्य, नरेंद्र पांडेय, विकास खंड कुरावली की सोनी चतुर्वेदी, चंद्र प्रकाश, विकास खंड बरनाहल के श्याम प्रकाश मिश्रा, शैलेंद्र द्विवेदी, विकास खंड जागीर के सनत पाल, लक्ष्मी देवी, विकास खंड किशनी के अमित कुमार, गोविंद को बढ़े हुये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक उपलब्ध कराये, लहरा महुअन की छात्राओं ने अतिथियों के स्वागत में स्वागत-गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, समस्त खंड शिक्षाधिकारी, जिला समन्वयक के अलावा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविन्द तोमर, विशम्भर तिवारी, करनपाल सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

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