मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, पंचायत भवनों को सुव्यवस्थित, कार्यात्मक, जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से उप जिलाधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारियों सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि 15 मई तक विशेष अभियान संचालित कर ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर सफाई कार्य, आधार-भूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण, पंचायत भवनों को जनसेवा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित किया जाये, प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत घरों, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, आंगनवाडी केन्द्रों, नालियों, नालों की साफ-सफाई, सिल्ट हटाने, झाड़ियों की कटाई, कीटनाशक दवाओं के छिड़काव, फॉगिंग जैसे कार्य सुनिश्चित किए जायें, गांव के प्रत्येक मोहल्ले, बस्तियों तक सफाई व्यवस्था पहुंचे, जल-भराव, गंदगी, मच्छरों के पनपने की स्थिति न बने, कार्य के दौरान पूर्व एवं पश्चात की स्थिति के फोटो लिये जाये, जिससे कार्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जा सके। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई कर उन्हें व्यवस्थित किया जाए, कुर्सी, मेज, पंखा, पीने के पानी, झाडियों के कटान हेतु ब्रश कटर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि पंचायत भवनों को जनसेवा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु वहां नियमित रूप से पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं पंचायत सहायक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि वहां बैठकर जनसेवा कार्य प्रभावी रूप से किए जा सकें और आमजन को जन्म प्रमाण, मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास एवं अन्य संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर सुलभ हो सकें, पंचायत भवनों में डिजीटल सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए इंटरनेट कनेक्टिविटी, कम्प्यूटर, टीवी एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी की जाये ताकि आमजन को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सचिवों को निर्देशित करते हुए कहा कि जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाएं, आवास योजनाओं, जनसेवा से जुड़े कार्यो को समयबद्ध, पारदर्शी तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रतिदिन किए गए कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाये, डिजिटल डायरी में प्रतिदिन किए गए कार्यों का विवरण, साफ-सफाई की स्थिति, फोटो संलग्न किए जायें, 15 दिन की अवधि की पूर्ण रिपोर्ट तैयार कर 16 मई को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को भी इस अभियान के माध्यम से सुदृढ़ किया जाय, सुनिश्चित किया जाए कि सफाई कर्मी नियमित रूप से पंचायत भवन, विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्रों की सफाई करें, उनके कार्य का सत्यापन सम्बन्धित विद्यालय के प्रधानाचार्य, सचिव आदि के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद किया जाएगा, बिना कार्य के वेतन निर्गत नहीं किया जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी इस अभियान के दौरान विशेष प्रयास किए जाएं, तालाबों के पुनर्जीवन के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाये, जिसमें जल निकासी, तल सफाई, सेडिमेंटेशन टैंक निर्माण, प्राकृतिक तरीके से जल शुद्धिकरण जैसे उपाय अपनाये जायें, प्रत्येक तालाब के लिए निर्धारित लागत सीमा के भीतर कार्य सुनिश्चित किया जाए, जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायें। उन्होंने कहा कि समन्वय स्थापित करते हुए गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाये, चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, छोटी गौशालाओं को पारंपरिक गौशालाओं के रूप में विकसित कर पशुओं को बड़ी गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाए, इन स्थानों को भूसा बैंक, अस्थायी पशु आश्रय केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, गौशालाओं में नर एवं मादा गोवंशों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था की जाए, सुरक्षा व्यवस्था हेतु गौशालाओं में बाउंड्री वॉल, मजबूत चेन लिंक फेंसिंग करायी जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, कुरावली, अभिषेक कुमार, नीरज कुमार द्विवेदी, सुनिष्ठा सिंह, प्रसून कश्यप, गोपाल शर्मा, शिवनरेश, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतेन्द्र सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह सहित खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



