मैनपुरी(सुवि)जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स की मासिक समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत एक भी लक्षित बच्चा विद्यालय में पंजीकरण से शेष न रहे, दिव्यांग बच्चों के नामाकंन पर भी विशेष ध्यान दिया जाये, नोडल अधिकारी नियमित रूप से बेसिक शिक्षा के विद्यालयों का निरीक्षण करें, उच्चाधिकारियों के निरीक्षण से जहां एक ओर विद्यालयों के शैक्षिक वातावरण में सुधार होगा, मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी वहीं दूसरी ओर विद्यालय के छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होने कहा कि कक्षा-01 में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों से सभी बच्चों का प्रवेश अनिवार्य रूप से प्राथमिक विद्यालयों में कराया जाए, प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों से बच्चों की संख्या प्राप्त कर उनका मिलान किया जाएगा, सुनिश्चित किया जाए कि एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे, कक्षा-06 और कक्षा-09 में ड्रॉप-आउट की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ विद्यालयों में अभी भी नामांकन शून्य या अत्यंत कम है, ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों के साथ विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील बनाया जाये साथ ही संकुल शिक्षकों को भी 05-05 विद्यालयों की जिम्मेदारी देकर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करायी जाये, नामांकन केवल जुलाई माह तक सीमित न रखा जाए बल्कि मई एवं जून में भी लगातार अभियान चलाकर बच्चों का प्रवेश कराया जाए ताकि शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने से पहले अधिकतम बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जा सके।
सी.डी.ओ. ने समीक्षा के दौरान खंड शिक्षाधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि जनपद में जीर्ण-शीर्ण, क्षतिग्रस्त जिन विद्यालयों का ध्वस्तीकरण होना है, उनकी नीलामी की तत्काल कार्यवाही की जाए, खंड शिक्षाधिकारियों ने बताया कि 03 बार नीलामी के बावजूद भी भवनों की वैल्यूएशन अधिक होने के कारण अवशेष विद्यालयों के ध्वस्तीकरण, नीलामी प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही है, जिस पर उन्होंने लोक निर्माण, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि अवशेष जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों के भवनों की नीलामी की कार्यवाही कर ध्वस्तीकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होने समीक्षा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना में खाने की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, सभी विद्यालयों में निर्धारित मीनू के अनुसार छात्रों को दोपहर का खाना, निर्धारित तिथि को फल, दूध उपलब्ध कराए जाएं, खाने में उच्च क्वालिटी के तेल-मसालों का प्रयोग किया जाये। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद के अधिकांश विद्यालय समस्त 19 पैरामीटर्स से संतृप्त हो चुके हैं, कुछ विद्यालय फर्नीचर, बाउंड्रीवॉल, दिव्यांग शौचालय से असंतृप्त है, जिस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय से कहा कि खंड शिक्षाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अवशेष विद्यालयों में भी मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येंद्र सिंह, प्राचार्य डायट मनमोहन शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, खंड शिक्षाधिकारी सहित अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता ने किया।



