मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने भट्ठा स्वामियों, भट्ठा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ गौशालाओं के सुदृढ़ संचालन, गो-सेवा को जन-भागीदारी से जोड़ने, श्रमिक परिवारों के बच्चों के विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने हेतु सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देने का आवाह्न करते हुए कहा कि जनपद की गौशालाओं के लिए भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करना हम सभी का उत्तरदायित्व है, इसे स्वैच्छिक सहयोग के माध्यम से ही प्रभावी रूप से पूरा किया जा सकता है, जनपद का भूसा अन्यत्र डायवर्ट न हो, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग गौशालाओं के हित में किया जाए। उन्होने वर्तमान समय में भूसे की उपलब्धता एवं उपयोग की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में वैकल्पिक चारे का उपयोग भी किया जा रहा है किंतु गौशालाओं की निरंतर आवश्यकता को देखते हुए भूसा दान की व्यवस्था को सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येेक भट्ठा स्वामी, ग्राम प्रधान, स्थानीय कृषक तथा अन्य सक्षम व्यक्ति स्वेच्छा से गौशालाओं के लिए भूसा दान करें, जन-सहयोग से इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भट्ठा स्वामी कम से कम 10 क्विंटल भूसा दान करने का प्रयास करें ताकि सामूहिक रूप से बड़ी मात्रा में भूसा एकत्रित किया जा सके, जनपद में सक्रिय भट्ठों की संख्या के आधार पर यह सहयोग प्राप्त होता है, तो हजारों क्विंटल भूसा गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है, जो व्यक्ति, संस्था भूसा दान करेगी, उसे आगामी बैठक में “श्रेष्ठ-गौसेवक” के रूप में सम्मानित किया जाएगा ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि भूसा खुले रूप में न देकर बोरे में भरकर दिया जाए, जिससे उसका भंडारण और उपयोग सुगमता से किया जा सके, भूसा दान करते समय फोटो एवं वीडियो का दस्तावेजीकरण किया जाए, जिससे इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार हो और अन्य लोग भी इससे प्रेरणा लें, इस कार्य में एस.डी.एम., तहसील प्रशासन, लेखपालों से भी समन्वय स्थापित कराया जायेगा ताकि भट्ठा स्वामियों और गौशालाओं के बीच समुचित संपर्क स्थापित हो सके। उन्होने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक है और किसी पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा, प्रशासन का उद्देश्य केवल समाज के सक्षम वर्ग को प्रेरित करना है ताकि समाज में परमार्थ और सहयोग की भावना बनी रहे, इसी से सामूहिक विकास संभव है। उन्होने कहा कि यदि कोई किसान 10 क्विंटल भूसा दान करता है, तो उसे बदले में गौशाला से गोबर की खाद उपलब्ध कराई जाएगी, इससे एक ओर गौशालाओं को आवश्यक चारा मिलेगा वहीं दूसरी ओर किसानों को जैविक खाद प्राप्त होगी, जिससे कृषकों को भी लाभ होगा।

जिलाधिकारी ने भट्ठा स्वामियों से कहा कि “स्कूल चलो अभियान” के अंतर्गत भट्ठों पर कार्यरत् श्रमिकों के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने में सहयोग करें, भट्ठा स्वामी पहल कर अपने यहां कार्यरत श्रमिकों को प्रेरित करें कि वह अपने बच्चों का निकटतम प्राथमिक विद्यालय या आंगनवाड़ी केंद्र में नामांकन कराएं। उन्होने कहा कि भट्ठा स्वामियों को किसी प्रकार का आर्थिक भार वहन नहीं करना होगा बल्कि केवल श्रमिकों को जागरूक करना है और उनके बच्चों की सूची तैयार कराकर नजदीकी विद्यालय में नामांकन कराना है, इसके लिए भट्ठों पर कार्यरत् मुंशी या अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को दायित्व सौंपा जाए कि वह सभी बच्चों का विवरण संकलित करें और विद्यालय से समन्वय स्थापित कर नामांकन कराएं यदि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या आये तो प्रशासन पूरी सहायता प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि नामांकित बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें, ड्रेस, जूते-मोजे, स्वेटर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जायेंगी और इसका भुगतान सीधे अभिभावकों के खातों में किया जायेगा, इस प्रकार शिक्षा को सुलभ और आकर्षक बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि यदि किसी भट्ठे पर कार्यरत बच्चों का नामांकन नहीं पाया जाता है, तो इसे श्रम कानूनों के उल्लंघन के रूप में मांग कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

उन्होने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति की उन्नति के दो प्रमुख आधार हैं यदि व्यक्ति शिक्षित और स्वस्थ होगा तो वह स्वयं अपने जीवन में प्रगति कर सकता है और समाज के विकास में योगदान दे सकता है। उन्होने सभी उपस्थित लोगों से अपेक्षा की कि वह इस सामाजिक दायित्व को समझते हुए श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में भट्ठा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा अपनी समस्याओं, सुझावों को भी साझा करतेे हुये कहा कि अन्य जनपदों से अवैध रूप से आने वाली ईंटों की बिक्री को प्रतिबन्धित किया जाये, जिस पर उन्होने ईंट भट्ठा संाचलकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता पर निदान होगा, अवैध रूप से अन्य जनपदों से आने वाली ईंटों की बिक्री रोकने के प्रभावी प्रयास होंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, खान निरीक्षक शिव दयाल, ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील वर्मा, दीपक पाण्डेय, धनवेश यादव, जसराम सिंह भदौरिया, सौरभ दुबे, सुनील कुमार यादव, सियाराम सिंह भदौरिया आदि उपस्थित रहे।

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