मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने उप जिलाधिकारियों, लेखपालों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि लंबे समय से लंबित भूमि विवादों के त्वरित, स्थायी निस्तारण के लिए “मिशन समाधान” को अभियान मोड में लागू किया जाए, “संवेदना मिशन” फॉर्मर रजिस्ट्री के अभियानों को भी समान प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि यहां भूमि विवादों की प्रवृत्ति अधिक है, ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा, परिवारिक बंटवारे के विवाद, पट्टेदारों को कब्जा न मिलना, दबंग व्यक्तियों द्वारा कमजोर वर्ग के लोगों की भूमि पर अवैध अतिक्रमण जैसी समस्याएं आम हैं, इन समस्याओं का समाधान पारंपरिक, धीमी प्रक्रिया से नहीं बल्कि सशक्त, तेज और जवाबदेह प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। “मिशन समाधान” के अंतर्गत राजस्व, पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी, जिनमें उप जिलाधिकारी, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल, पुलिस बल शामिल रहेगा, टीमें निर्धारित दिवसों में संबंधित गांवों में पहुंचकर विवादित स्थलों पर ही सीमांकन, नापजोख, कब्जा दिलाने की कार्यवाही करेंगी, मौके पर ही समाधान कर उसका दस्तावेजीकरण किया जाएगा, फोटो, वीडियो, प्रपत्र तैयार कर संबंधित पक्षों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहे, पट्टेदारों को वास्तविक कब्जा दिलाना विशेष रूप से प्राथमिकता में रखा जाएगा, तहसील स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से दोनों पक्षों, ग्राम प्रधान, सचिव को सूचना दी जाएगी ताकि ग्राम स्तर पर आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्था, जेसीबी, ट्रैक्टर आदि की पहले से उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि तहसील स्तर पर नायब तहसीलदार को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा उनके साथ एक ऑपरेटर नियुक्त किया जाएगा, जो समस्त कार्यों का समन्वय करेगा। नोडल अधिकारी के अधीन 05 सदस्यीय टीम कार्य करेगी, जिसमें एक कानूनगो, 04 लेखपाल रहेंगे, 12 थाना क्षेत्रों में प्रत्येक थाने पर 02-02 टीमें गठित की जाएंगी, प्रत्येक टीम के साथ एक राजस्व अधिकारी को नामित किया जाएगा, सभी टीमें निर्धारित दिवस पर संबंधित थाने पर एकत्र होंगी, जहां उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक के बाद पुलिस बल, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर, 04 आरक्षी शामिल होंगे, संयुक्त टीम निर्धारित गांव में जायेगी, एक टीम सामान्यतः एक गांव में एक दिन में लगभग 10 मामलों का निस्तारण कर सकती है यदि जनपद में 20 से अधिक टीमें सक्रिय रहती हैं, तो एक दिन में लगभग 200 से अधिक मामलों का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि निस्तारण के बाद यदि कोई व्यक्ति पुनः कब्जा करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी, ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी।
जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों की ग्रामसभा की भूमि का रजिस्टर 57-क तैयार कर उसे अद्यावधिक रखें, उसका भौतिक सत्यापन करें, प्रत्येक गाटा संख्या की वर्तमान स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए ताकि सरकारी भूमि की पहचान हो सके और अवैध कब्जों को चिन्हित कर हटाया जा सके, ग्राम स्तर पर चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से भी जानकारी लेकर अभिलेखों का मिलान किया जाये, पशुचर, तालाब, चकरोड, विद्यालय, अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि को प्राथमिकता के आधार पर कब्जामुक्त कराया जाए। सरकारी भूमि पर खेती, अन्य गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक लाभ उठा रहे हैं व्यक्तियों को चिन्हित किया जाये। उन्होंने कहा कि जहां विवाद जटिल हैं, नक्शे स्पष्ट नहीं हैं, वहां “नेचुरल जस्टिस” के सिद्धांत को अपनाते हुए सरल समाधान किया जाए यदि कोई व्यक्ति अपने हिस्से से अधिक भूमि पर कब्जा किए हुए है, तो पहले उसके वैध हिस्से को अलग कर शेष भूमि-मुक्त कराई जाए।
उन्होंने कहा कि “संवेदना मॉडल” के तहत किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित कराया जाये, मृत्यु प्रमाण पत्र शीघ्र बनवाये जायें, एक सप्ताह के भीतर विरासत दर्ज की जाये, खतौनी की प्रति परिवार को उपलब्ध करायी जाये, मृतक परिवार को संवेदना पत्र, एक पौधा भेंट कर प्रशासन की मानवीय पहल को मजबूत किया जाये, ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में व्हाट्सएप ग्रुप बनाये जाये, जिसमें ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और अन्य प्रमुख लोग शामिल हों, जिससे सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो और समस्या पर तत्काल कार्यवाही संभव हो। उन्होने फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि लेखपाल अपने-अपने क्षेत्र के किसानों का पूर्ण विवरण तैयार करें, जिसमें पंजीकृत, अपंजीकृत, मृतक, प्रवासी, त्रुटिपूर्ण अभिलेख वाले किसानों का वर्गीकरण शामिल हो, त्रुटियों के सुधार के लिए तहसील स्तर पर विशेष सेल स्थापित किये जायें, कार्य में तेजी लाने हेतु कॉमन सर्विस सेन्टर्स की सहायता ली जाये, अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को सहायक के रूप में जोडा जाये।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, घिरोर, कुरावली अभिषेक कुमार, सुनिष्ठा सिंह, प्रसून कश्यप, शिव नरेश, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, संध्या शर्मा, समस्त तहसीलदार, लेखपाल आदि उपस्थित रहे।



