मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने नशा-मुक्ति अभियान” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारियों को नशा उन्मूलन के लिए बहु-आयामी रणनीति अपनाने पर बल देते हुए कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल प्रवर्तन ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास के उपायों को भी समान रूप से लागू करना आवश्यक है। उन्होने कहा कि विभिन्न ग्रामों में पारंपरिक रूप से अवैध शराब निर्माण से जुड़े व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए, ऐसे परिवारों को सरकारी योजनाओं यथा आवास, पेंशन, स्वरोजगार, महिला समूहों से जुड़कर लाभान्वित किया जाए ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो और वह अवैध गतिविधियों से स्वेच्छा से दूर हो सकें। उन्होने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों, कॉलेजों एवं विशेष रूप से आवासीय एवं बोर्डिंग संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराये जायें, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेजों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेष नजर रखी जाये। उन्होने कहा कि नशा-मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए दोहरी रणनीति अपनाई जाएगी एक ओर कड़े प्रवर्तन के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर रोक लगायी जाये वहीं दूसरी ओर प्रभावित व्यक्तियों को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाये, इससे न केवल नशे की प्रवृत्ति में कमी आएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी सुनिश्चित होगा।

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श्री त्रिपाठी ने ड्रग निरीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि मेडिकल स्टोर्स पर सघन जांच अभियान चलाया जाए, बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री, प्रतिबंधित इंजेक्शन-जैसे ऑक्सीटोसिन के दुरुपयोग तथा अन्य मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जाये। उन्होने कहा कि सम्बन्धित अधिकारी आपस मंे समन्वय स्थापित कर अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं, नशा-मुक्त अभियान” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएं, जिसमें उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को नशा-मुक्ति की शपथ दिलाई जाए। उन्होने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा लोगों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होने बैठक के दौरान सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि वह अपने जीवन में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे और नाहीं अपने परिवार एवं आस-पास के लोगों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे साथ ही नशे जैसी सामाजिक बुराई से स्वयं को एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखते हुए समाज में सकारात्मक संदेश फैलायें। उन्होने कहा कि जनपद में तंबाकू एवं अन्य नशे के अत्यधिक प्रचलन के कारण गंभीर बीमारियां विशेषकर कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, इसको ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों से अपील की कि वह नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन-शैली अपनाएं। उन्होने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि कार्यस्थलों, सार्वजनिक स्थलों को पूर्णतः नशा-मुक्त बनाए रखने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं साथ ही नशा-मुक्त समाज एवं सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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