मैनपुरी(सुवि) जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कहा कि सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्यों का सूक्ष्म स्तर पर विभाजन कर जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करें, वी.डी.ओ., ए.डी.ओ. पंचायत, सी.डी.पी.ओ. एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट दायित्व सौंपे जाएं, उनके कार्यों की नियमित मासिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए, समीक्षा केवल औपचारिक न होकर परिणामोन्मुख हो, जिसमें प्रगति के साथ-साथ कमियों की पहचान, निराकरण पर ध्यान दिया जाए, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में जनपद को अग्रणी बनाने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप को अनिवार्य किया जाये, नगर निकायों, विनियमित क्षेत्रों में प्रस्ताव पारित कर सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी नया भवन बिना सोलर रूफटॉप प्रणाली के स्वीकृत न किया जाए, बिजली, जल कनेक्शन को सोलर सिस्टम से जोड़ा जाए ताकि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित हो सके, जन-प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर उनके माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजने की प्रक्रिया में भी तेजी लायी जाये।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि माह मार्च में जनपद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था किंतु वर्तमान में लक्ष्य में वृद्धि होने के कारण अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने के लिए और अधिक गंभीर एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है, प्रत्येक विभाग लक्ष्य के अनुरूप अपनी कार्य-योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रवृत्ति योजनाओं के आगामी सत्र हेतु सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं ताकि किसी भी पात्र छात्र को योजना का लाभ मिलने में देरी न हो, एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत लंबित प्रस्तावों को तत्काल शासन भेजा जाये, ट्रांसफार्मर खराब होने से संबंधित समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जाये, उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाये, फॉर्मर रजिस्ट्री, डी.बी.टी., प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित गति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य में तेजी लायी जाये, लेखपाल, पंचायत सहायक एवं संबंधित कर्मचारियों को सक्रिय करते हुए गांव-गांव जाकर वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाए ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रातः 10 बजे कार्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करें, वर्चुअल माध्यम से जन शिकायतों, विभागीय कार्यों की समीक्षा करें, प्रत्येक शिकायत पर आवेदक से संपर्क, स्थलीय निरीक्षण, संतुष्टि आधारित समाधान सुनिश्चित किया जाए, सभी कार्यालयों में रजिस्टर, रसीद प्रणाली लागू की जाये।

जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत भवन निष्क्रिय अवस्था में हैं, जहां साफ-सफाई, बिजली, कम्प्यूटर एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, पंचायत भवनों को ग्राम स्तर पर सरकारी सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाये, जहां ग्रामवासियों को सभी योजनाओं की जानकारी, सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों, एक सप्ताह के भीतर सभी पंचायत भवनों की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, कम्प्यूटर एवं बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए, प्रत्येक पंचायत भवन की “डिजिटल डायरी” तैयार की जाये, जिसमें पंचायत की आधारभूत जानकारी, संबंधित कर्मचारियों के नाम, मोबाइल नंबर, भवन की फोटो शामिल हो, पंचायत सहायकों, सचिवों की भूमिका को सुदृढ़ कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी घरों में प्राथमिकता पर नल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि फैमिली आईडी की खराब प्रगति सीधे तौर पर जनपद की रैंकिंग को प्रभावित कर रही है, पंचायत सहायकों, राशन डीलरों, संबंधित अधिकारी संयुक्त रूप से फैमिली आईडी की प्रगति सुधारने की दिशा में कार्य करें, प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता देनी चाहिये, इसी उद्देश्य से 07 मई से “संवेदना एवं सेवा” मॉडल के तहत किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद प्रशासन स्वयं उसके परिवार तक पहुंचेगा, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा, तेरहवीं के दिन लेखपाल, सचिव संयुक्त रूप से मृतक के घर जाकर संवेदना पत्र, खतौनी की नकल उपलब्ध कराएंगे, विरासत की प्रक्रिया पूर्ण कर एक पौधा भेंट करेंगे, मृतक से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं का सत्यापन किया जाएगा, पात्र पाये जाने पर विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ सहित अन्य योजनाओं में लाभान्वित किया जाएगा।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, डी.सी. एन.आर.एल.एम. शौकत अली, मुख्य चिकित्साधीक्षक धर्मेद्र कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण शुक्ला, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश कुमार, सम्भागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरूण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग नुज़हत परवीन, जल निगम अंकित यादव सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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