मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनगणना कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की आधारशिला है इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होने प्रशिक्षण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रशिक्षण समयबद्ध रूप से पूर्ण करा लिया जाए, प्रशिक्षण केवल औपचारिक न होकर व्यावहारिक हो ताकि क्षेत्र में कार्य करते समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का औचक निरीक्षण करेंगे, जिन कर्मचारियों की वर्तमान ड्यूटी जनगणना कार्य में बाधक है, उनकी ड्यूटी में आवश्यक संशोधन करते हुए उन्हें “रिजर्व पूल” में रखा जाए। उन्होने स्पष्ट किया कि ड्यूटी समाप्त नहीं की जाएगी बल्कि आवश्यकता अनुसार उन्हें पुनः तैनात किया जाएगा इससे कार्य में लचीलापन और दक्षता दोनों सुनिश्चित होंगे।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि जनगणना का कार्य किसी भी स्थिति में केवल लिपिकीय स्तर पर निर्भर न रहे, सभी चार्ज अधिकारियों को स्वयं सक्रिय भूमिका निभानी होगी और कार्यों की प्रत्यक्ष निगरानी करनी होगी। उन्होंने जनपद की जनसंख्या एवं संभावित परिवारों का ऑकलन करते हुए कहा कि लगभग 22 लाख की आबादी में 04 से 4.5 लाख परिवार अनुमानित हैं, इनमें से करीब 2.5 से 03 लाख परिवार ऐसे हैं, जो विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रशासन से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि इन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर अभियान में शामिल किया जाए जिससे कार्य में तेजी लाई जा सके। उन्होने विशेष अभियान की रूप-रेखा तय करते हुए कहा कि 07 मई से 15 मई तक ग्राम पंचायत, वार्ड स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा इसके अंतर्गत प्रत्येक गांव में बैठकें आयोजित कर लोगों को स्वयं प्रक्रिया समझाई जाएगी और मौके पर ही कार्य संपन्न कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अल्प समय में बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रत्येक गांव में कम से कम 100 परिवारों को इस प्रक्रिया में जोड़ा जाए, लेखपाल, पंचायत सहायक, ग्राम सचिव अन्य स्थानीय कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पंचायत भवनों में वीडियो, प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए, मोबाइल आधारित प्रक्रिया के माध्यम से कार्य कराया जाए, नगरीय क्षेत्रों में नगर निकाय वार्डवार माइक्रो प्लान तैयार कर प्रत्येक वार्ड में सभासदों, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके, वार्ड स्तर पर की गई सही योजना ही पूरे शहर के प्रदर्शन को बेहतर बनाएगी। उन्होने कहा कि विभिन्न विभागों के मानव संसाधन को इस अभियान से जोड़ा जाए, होमगार्ड, पी.आर.डी., युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान एक जनांदोलन का रूप ले, इस हेतु सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर योगदान दें, “सेल्फ इनिशिएशन मॉडल” के माध्यम से लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जाय, लोगों को स्वयं आगे आकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, शेष परिवारों को ग्राम पंचायत स्तर की बैठकों, विशेष शिविरों के माध्यम से कवर किया जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चंद्र, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, कुरावली, घिरोर अभिषेक कुमार, नीरज कुमार द्विवेदी, सुनिष्ठा सिंह, गोपाल शर्मा, शिव नरेश, प्रसून कश्यप, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, संध्या शर्मा, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र सिंह, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सौरभ पांडेय, नाजिर रोहित दुबे के अलावा कलेक्ट्रेट अनुभाग के विभिन्न अनुभाग प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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