मैनपुरी(सुवि)आगामी जनगणना के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु सुदिति ग्लोबल एकेडेमी में आयोजित प्रगणक, सुपरवाइजर के प्रशिक्षण सत्र को शुभारम्भ, सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी, प्रमुख जनगणना अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने उपस्थित प्रगणकों, सुपरवाइजरों, फील्ड ट्रेनर से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण, राष्ट्रीय कार्य में शामिल होना प्रत्येक कार्मिक के लिए गर्व की बात है और यह अवसर सभी को अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होने कहा कि इस कार्य से जुड़े सभी कार्मिक राष्ट्र निर्माण में प्रत्यक्ष योगदान देंगे, तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, उन्होने गणना कार्य में लगे सभी कार्मिकों का आह्वान करते हुए कहा कि वह स्वयं को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का अभिन्न अंग समझें और पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों को अंजाम दें। उन्होने प्रगणक, सुपरवाइजर के रूप में तैनात कार्मिकों से कहा कि प्रशिक्षण में गणना कार्य के प्रत्येक कार्य की भली-भांति जानकारी करें, यदि प्रशिक्षण के दौरान कार्य को लेकर कोई शंका हो तो आपको प्रशिक्षण प्रदान कर रहे फील्ड ट्रेनर से जानकारी करें, कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक जानकारियों को भली-भांति समझ लेना अत्यंत आवश्यक है, प्रशिक्षण के दौरान प्रदान की गई सामग्री, दिशा-निर्देशों एवं बुकलेट का गहन अध्ययन करें ताकि क्षेत्र में कार्य करते समय किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

श्री सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत आप सबको फील्ड में जाकर दि. 22 मई से 20 जून तक घर-घर जाकर प्रथम चरण की गणना का कार्य करना होगा, इस अवधि के दौरान प्रत्येक गणनाकर्मी को लगभग 150-180 मकानों का सूचीकरण करना होगा। उन्होंने इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के लिए सभी को पहले से ही स्पष्ट कार्य-योजना बनाने की सलाह दी। उन्होने कहा कि इतने बड़े स्तर के कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवश्यक है कि इसे वैज्ञानिक एवं तार्किक तरीके से विभाजित किया जाए, प्रत्येक कार्मिक को यह निर्धारित करना होगा कि वह प्रतिदिन कितने मकानों का सर्वेक्षण करेगा ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर बिना किसी दबाव के कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रायः यह देखा जाता है कि कार्य के प्रारंभ में लोग शिथिलता बरतते हैं और जैसे-जैसे अंतिम तिथि निकट आती है, कार्य को जल्दबाजी में पूरा करने का प्रयास किया जाता है, इस प्रकार की कार्यशैली से न केवल कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होती है बल्कि कार्मिक अनावश्यक तनाव का भी शिकार हो जाते है, इसलिए गणना कार्य में लगे सभी कार्मिक प्रथम दिवस से ही लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर, नियमित रूप से कार्य करें।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज का मार्ग-दर्शक होता है और अनुशासन, व्यवस्थित कार्यशैली का प्रतीक होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक वर्ग इस कार्य को पूरी दक्षता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शंका या जिज्ञासा को अपने मन में न रखें यदि प्रशिक्षण के दौरान कोई प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उसे तत्काल पूछें। उन्होंने कहा कि प्रश्न पूछने, सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे कार्य में स्पष्टता आती है। उन्होंने कहा कि संकोचवश प्रश्न न पूछना आगे चलकर त्रुटियों का कारण बन सकता है इसलिए प्रतिभागियों को बिना किसी झिझक के अपने पूंछने चाहिए, आवश्यकता पड़ने पर एक ही प्रश्न को बार-बार पूछने में भी संकोच न करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो कार्य किया जा रहा है, वह जनगणना का प्रथम चरण है, जिसमें मकानों का सूचीकरण किया जाएगा, यह चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न होगा यदि प्रथम चरण को सही तरीके से पूर्ण किया जाएगा, तो द्वितीय चरण स्वतः ही सरल हो जाएगा।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, जिला प्रभारी जनगणना शैल्जा त्रिवेदी, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर शिव नरेश, तहसीलदार हरेंश कर्दम, नाजिर रोहित दुबे, फील्ड ट्रेनर के रूप में तैनात अधिकारियों के अलावा विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा. राम मोहन, डा. कुसुम मोहन आदि उपस्थित रहे।



