मैनपुरी(सुवि)उ.प्र. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चन्द्र कुंडे ने संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान योजनाओं की प्रगति सुधारने, पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित कराने तथा जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का समाधान कराने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ आसानी से मिले, पात्रों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाये। उन्होने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेद-भाव के योजनाओं का लाभ मिले, योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता बनाए रखें, किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्यवाही की जाए। उन्होने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7000 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3500 लाभार्थियों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गए, जिस पर उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शेष पात्र लाभार्थियों को शीघ्र चिन्हित कर लाभान्वित किया जाए, पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार, अंत्योदय कार्ड धारक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग तथा सामाजिक-आर्थिक जनगणना में चिन्हित परिवारों, श्रमिक, ई-श्रम कार्ड धारकों को प्राथमिकता पर लाभान्वित कराया जाये। उन्होने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान पाया कि अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम खाद्यान्न, पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 05 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा कुछ ग्राम पंचायतों में राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें की गयी हैं, ग्राम अहिरवा, धीरपुर, दौलतपुर, बघेरा, ईकरी, मंझोला, मदनपुर, जमथरी, सॉचे आदि में कोटोदारों द्वारा खाद्यान्न वितरण में मनमानी की जा रही है। उन्होने पूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों की जॉच करें यदि उक्त कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न वितरण में मनमानी की जा रही हो तो उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाये, राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी गरीबों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सदस्य अनुसूचित जाति आयोग ने आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में लगभग 7,73,383 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष 4,90,679 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिस पर उन्होने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से कहा कि शेष पात्र व्यक्तियों के कार्ड शीघ्र बनाए जाएं और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 के डेटा में मौजूद त्रुटियों, नामों की स्पेलिंग में अंतर तथा अन्य तकनीकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अवशेष लाभार्थियों को योजना में सम्मिलित किये जानेे के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में 12 सरकारी एवं 13 निजी चिकित्सालय आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं, सभी इम्पेनल्ड चिकित्सालयों में लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। उन्होने संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि साफ-सफाई, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा के छिड़काव पर विशेष ध्यान दिया जाये, सभी ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, नालियों की सफाई समय पर हो तथा जल-भराव की समस्या का प्रभावी समाधान किया जाए, जिससे मच्छरजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके, सम्बन्धित अधिकारी क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और अभियान को गंभीरता से लागू करायें।
उन्होने सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में कुल 549 ग्राम पंचायतों में 720 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, सभी ग्रामों में नियमित रूप से सफाई कार्य कराया जाए तथा जहां भी शिकायतें प्राप्त हों, वहां तत्काल समाधान किया जाए। अनुसूचित जाति, जनजाति के व्यक्तियों की समस्याओं का तत्काल प्रभावी निराकरण किया जाये, सफाई कर्मचारियों को सेफ्टी किट के साथ उनके देयकांे का समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाये। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरूण, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी डा. अवधेश सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र, सहायक विद्यालय निरीक्षक, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।



