मैनपुरी(सुवि)माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन, सुचितापूर्ण संपन्न कराने हेतु जनपद के 93 परीक्षा केंद्रों को 06 जोन, 17 सेक्टर मे विभाजित कर प्रत्येक जोन में 01-01 जोनल मजिस्ट्रेट एवं प्रत्येक सेक्टर में 01-01 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, समस्त 93 परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, जो निरतंर भ्रमणशील रहकर परीक्षा की गतिविधियों पर नजर रखेगें। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जोनल, सेक्टर, स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों, केन्द्र व्यवस्थापकों, अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापकांे के साथ कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि जनपद पूर्व में संवेदनशील श्रेणी में सूचीबद्ध था किंतु अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों के सम्मिलित प्रयासों के परिणामस्वरूप इस वर्ष जनपद को संवेदनशील सूची से बाहर रखा गया है, यह जनपद के लिए गौरव की बात है तथा सभी संबंधित अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों, शिक्षकों, कक्ष निरीक्षकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने उपस्थित केन्द्र व्यवस्थापकों, सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों से कहा कि इस बार भी परीक्षा को सुचितपूर्ण, विघ्नरहित सम्पन्न कराने में अपना योगदान दें, ऐसा कोई कृत्य परीक्षा अवधि में न हो जिससे जनपद की छवि धूमिल हो और पुनः जनपद संवेदनशील जनपदों की श्रेणी में सुमार न हो। उन्होने कहा कि परीक्षा को विघ्नरहित सम्पन्न कराने में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापकों को निभानी होगी, सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं सुचितापूर्ण परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। उन्होंने स्टैटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों से कहा कि परीक्षा के दौरान परीक्षा प्रारंभ होने से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक अपने परीक्षा केंद्र पर उपस्थित रहकर परीक्षा को संपन्न कराएं, स्टैटिक, सेक्टर मजिस्ट्रेट इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी परीक्षार्थी द्वारा किसी भी दशा में अनुचित साधन, सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि का प्रयोग न किया जाए।

श्री सिंह ने कहा कि जनपद के 69 हजार से अधिक परीक्षार्थी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होंगे, परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने में सबसे अहम भूमिका केंद्र व्यवस्थापकों, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निभानी है, सभी परीक्षा केन्द्रो पर परीक्षार्थियों के लिए मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें, स्ट्रांग रूम के सी.सी.टी.वी. कैमरे 24 घंटे संचालित रहें, परीक्षा केंद्र के 100 मीटर की परिधि में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश किसी भी दशा में न हो, केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करते हुए परीक्षा को सुचितापूर्ण कराकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जिस दिन जिस विषय का पेपर हो उसी के पैकेट खोले जाएं, गलती से भी किसी दूसरे विषय का पेपर न खोला जायें, प्रश्न पत्र खोलते समय निर्धारित मानक प्रक्रिया संहिता का पालन किया जाये। उन्होने कहा कि महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाओं में विशेष सतर्कता बरती जाये, उक्त विषयों की परीक्षा अवधि में सभी अधिकारी भ्रमणशील रहकर परीक्षा की सुचिता बनाये रखें। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नकल जैसे घिनौने कृत्य में संलिप्त पाए जाने, लापरवाही बरतने पर कठोर सजा का प्राविधान किया है, इसलिए परीक्षा को संपन्न कराने में लगे सभी केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट संवेदनशील रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि परीक्षा कक्षों में सी.सी.टी.वी. कैमरे इस प्रकार लगाये जाएं कि प्रत्येक परीक्षा सी.सी.टी.वी. कैमरे के ज़द में रहे, सी.सी.टी.वी. कैमरे मय वॉइस रिकॉर्डर पूरी परीक्षा अवधि में क्रियाशील रहें, कोई भी केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट स्ट्रांग रूम परीक्षा कक्षा में मोबाइल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे, परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर परीक्षार्थियों की सघन तलाशी की जाये, बालिकाओं की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा ही की जाए, सभी केन्द्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित एस.ओ.पी. का पालन करते हुए सुचितापूर्ण परीक्षा संपन्न कराने में अपना सहयोग दें। उन्होने कहा कि परीक्षा अवधि में परीक्षा को लेकर कोई भी केन्द्र व्यवस्थापक, अधिकारी सोशल मीडिया पर कोई वक्तव्य नहीं देगा और नाहीं मीडिया में कोई वर्जन देगा।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी माहौल में संपन्न कराना जिला, पुलिस प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, परीक्षा की सूचिता में विघ्न डालने वाले दंडित होंगे। उन्होने कहा कि जब भी किसी जनपद का नाम नकारात्मक कारणों से लिया जाता है तो प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, इसलिए आवश्यक है कि परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी कोई चूक न हो जिससे न केवल परीक्षा प्रभावित हो बल्कि जनपद की प्रतिष्ठा पर भी प्रश्नचिह्न लगे। उन्होने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होती हैं, मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा निर्धारित करती हैं, इसलिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं की पवित्रता, विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन, शिक्षकों एवं केंद्र व्यवस्थापकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जितने प्रयास प्रशासन करता है, उतनी ही कोशिश कुछ असामाजिक तत्व व्यवस्था में खामी निकालने की करते हैं, इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक संभावित कमजोरी को पहले से चिन्हित कर उसे दूर किया जाए। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों का आव्हान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकरण को लेकर पैनिक न फैलायंें यदि किसी भी केंद्र पर कोई घटना घटित हो तो उसे छिपाने का प्रयास न करें यदि केंद्र व्यवस्थापक द्वारा किसी घटना को छिपाने का प्रयास किया गया तो संबंधित की जिम्मेदारी तयकर प्रभावी कार्यवाही होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक सम्पन्न होंगी, प्रथम पाली की परीक्षा प्रातः 08.30 से 11.45 बजे तक एवं द्वितीय पाली की परीक्षा अपरान्ह 02 बजे से सायं 05.15 बजे तक सम्पन्न होगी, परीक्षा के दौरान कोई भी केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक मोबाइल का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। उन्होने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा में जनपद में कुल 69442 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे, जिसमें 29691 हाईस्कूल एवं 29751 इंटर की परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे, जनपद के समस्त परीक्षा केन्द्रों पर प्रश्न पत्र 14, 15 फरवरी को उपलब्ध कराये जायेंगे, जिन्हें परीक्षा केन्द्रों पर बने स्ट्रॉग रूम में सी.सी.टी.वी. कैमरों की निगरानी में रखा जायेगा।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार सहित सेक्टर, जोनल, स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारी, केन्द्र व्यवस्थापक आदि उपस्थित रहे।



