मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण, अधिकारियों, कर्मचारियों को शपथ दिलाने के उपरांत गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं, आज ही की तिथि को विश्व का सबसे बड़ा संविधान लागू हुआ, भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि यह हमारे राष्ट्र को सही दिशा में आगे ले जाने वाला मार्गदर्शक है, संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल्य ही यह तय करते हैं कि देश को किस दिशा में चलना चाहिए और नागरिकों को किस प्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय प्रदान करने की गारंटी देता है, इसके साथ ही विश्वास, धर्म, उपासना, विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकार भारत को एक मजबूत लोकतंत्र बनाते हैं, समता, प्रतिष्ठा एवं समान अवसर की अवधारणा हमारे समाज को एकजुट रखने का आधार है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की तिथि इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ और देश ने पूर्ण लोकतांत्रिक स्वरूप प्राप्त किया, यह दिन हमें संविधान के प्रति निष्ठा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराने का अवसर देता है।

श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को निरंतर प्रयास करना चाहिए कि आज की तुलना में आने वाला कल बेहतर हो, जब हम स्वयं में सुधार और प्रगति के लिए प्रयास करेंगे, तभी देश स्वतः विकास एवं उन्नति के पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प देश के प्रधानमंत्री ने लिया है, उसमें प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, हम सब मिलकर अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करें, तभी यह लक्ष्य साकार हो सकेगा। उन्होने कहा कि सबसे पहले राष्ट्र को प्रथम रखकर कार्य करना होगा, जब राष्ट्र विकसित, मजबूत होगा तो समाज, परिवार भी खुशहाल होंगे, हमारे विचारों में सबसे अधिक स्थान राष्ट्र का होना चाहिए, राष्ट्र के प्रति हमें अपने दायित्वों का निर्वहन करना चहिए।

अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द ने भारतीय के संविधान की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा मूल संविधान हस्तलिखित है, नंदलाल बोस द्वारा अत्यंत सुंदर लेखन शैली में तैयार किया गया था, यह संविधान आज भी संसद के पुस्तकालय में हीलियम गैस से भरे विशेष बॉक्स में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत सुरक्षित रखा गया है ताकि इसकी स्याही फीकी न पड़े, कागज खराब न हो और किसी प्रकार की क्षति की संभावना न रहे, यह हमारे संविधान के प्रति सम्मान और उसकी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है। उन्होने कहा कि संविधान निर्माण एक अत्यंत कठिन कार्य था, इसके लिए संविधान निर्माताओं ने कई देशों के संविधान, शासन प्रणालियों का गहन अध्ययन किया, भारत जैसे विविधताओं से भरे विशाल देश के लिए एक ऐसा संविधान तैयार करना, जो सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखे, वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र और चुनाव एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, लोकतंत्र की असली शक्ति जनता के मताधिकार में निहित है, मतदान का अधिकार हमें संविधान द्वारा दिया गया, जब देश में पहली बार चुनाव हुए तो लोगों ने पहली बार मतदान किया तो उस समय मतदान किसी उत्सव से कम नहीं था, महिलाएं मेहंदी लगाकर और नए वस्त्र पहनकर मतदान केंद्रों पर गईं, पुरुष भी सज-धज कर मतदान करने पहुंचे, लोगों के मन में यह गर्व था कि अब देश की सरकार जनता के मत से चुनी जाएगी, आज कई बार लोग मतदान को केवल औपचारिकता समझने लगे हैं, कुछ लोग सोचते हैं कि वोट डालना कोई विशेष कार्य नहीं है या इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होने कहा कि सभी मतदाताओं को अपने वोट की शक्ति को समझना चाहिए और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए।

डिप्टी कलेक्टर धु्रव शुक्ला, शिवनरेश, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, सेवानिवृत्त सत्यप्रकाश द्विवेदी ने गणतंत्र दिवस पर अपने विचार व्यक्त किये वहीं बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने देशभक्ति पर आधारित गीत प्रस्तुत किये। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर अंजलि सिंह, जिला अभिहीत अधिकारी श्वेता सैनी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी हरेन्द्र सिंह, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सौरभ पाण्डेय, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी स्वतंत्र गुप्ता, रोहित दुबे, वीरेश पाठक, पुष्पेन्द्र कुमार, अनुज कुमार, श्रीकृष्ण, सत्येन्द्र कुमार, अजय कुमार, सौम्य वर्धन, राहुल कुमार, ताज़ीम नवी सहित कलैक्ट्रेट के विभिन्न अनुभाग प्रभारी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने किया।